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सरकार के फैसले से सहमत नहीं जनता

 

150 ट्रेनों को प्राइवेट कंपनियों के हाथों में सौंपने के सरकार के फैसले को लोग ठीक नहीं मान रहे हैं. लोगों का कहना है कि इससे ट्रेनों में सिर्फ प्राइवेंट कंपनियों के कर्मचारी ही काम कर पाएंगे और दूसरे लोगों को मौका नहीं मिलेगा. इसके साथ ही लोगों का कहना है कि प्राइवेट कंपनियों के हाथों में आने से ट्रेनों के किराए मनमाने ढंग से तय किए जाएंगे. हमारे संवाददाता गोपाल कृष्ण ने सरकार के इस फैसले पर लोगों से बातचीत की.