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त्रासदी के जख्म आज भी हरे है।

 

1984की सर्दियों में हुए भोपाल गैस त्रासदी को 34 साल बीत गए। लेकिन आज भी टनों जहरीला कचरा यूनियन कार्बाइड के शेड में पड़ा है। खतरे की आशंका से कारखाना परिसर में आम लोगों के जाने पर पाबंदी है। लेकिन हादसे के दौरान निकली जहरीली गैस से आज भी परेशान हैं यहां के बाशिंदे।