सुर्ख़ियां


राजेंद्र राजन

पद और पैसे का पर्याय बनती राजनीति

संसद और विधानसभा से लेकर नगर निकाय और पंचायत तक राजनीति पद और पैसे का पर्याय होती जा रही है.

Jul 24, 2019

यह बर्बरता कहां ले जाएगी?

मॉब लिंचिंग की घटनाओं का जारी रहना क्या बताता है? क्या यह बर्बरता रोकी नहीं जा सकती, या इसे चलने देने के पीछे कोई निहित स्वार्थ है?

Jun 28, 2019

लोकसभा चुनाव से उठते ये तीन सवाल

इस बार के लोकसभा चुनाव के बाद चुनाव सुधार के तीन अहम मुद्दें सामने आए हैं.

Jun 11, 2019

कहां गया मान बढ़ाने का अभिमान

‘टाइम’ पत्रिका के आवरण पृष्ठ पर प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को जिस शीर्षक के साथ जगह मिली है उससे न तो उन्हें खुशी हुई होगी न उनकी पार्टी को.

May 15, 2019

मोदी लोहिया को चुनावी मौसम में क्यों भुनाना चाहते हैं?

सवाल यह है कि आखिर लोहिया को अपने पाले में दिखाने की जरूरत मोदी को इस वक्त क्यों महसूस हुई, जब आम चुनाव चल रहे हैं.

May 2, 2019