फैज को इस्लामी उपमाओं के सहारे समझना नादानी

फैज अहमद फैज जो एक कम्युनिस्ट थे और मजहब में यकीन नहीं रखते थे, यहाँ, मजहब एक सेकंडरी चीज है.…

Friday, January 3, 2020

मीडिया ने जो Echo Chamber बनाया है

“यह तीखी प्रतिस्पर्धा से भरी ऐसी दुनिया है जिसमें सफल होने के लिए लोग एक दूसरे को नुकसान पहुंचाने को…

Tuesday, August 13, 2019

इस कठिन राह का विकल्प नहीं

संविधान का अनुच्छेद 370 हर व्यावहारिक अर्थ में निष्रभावी कर दिया गया है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी…

Wednesday, August 7, 2019

पद और पैसे का पर्याय बनती राजनीति

कर्नाटक विधानसभा में हुए शक्ति परीक्षण में कुमारस्वामी सरकार के गिर जाने पर शायद ही किसी को आश्चर्य हुआ हो.…

Wednesday, July 24, 2019

मासूमों की जिंदगियों के लिए भी हो कोई आंदोलन

हर समस्या में ध्रुवीकरण और राजनीतिक हित साधने के अपने खतरे हैं और इन खतरों की कीमत अक्सर देश के…

Wednesday, June 19, 2019