सुर्ख़ियां


Akhilesh Yadav

 

तीन साल पहले नोट बंद किए थे और अब तीन साल बाद बैंक बंद कर रहे हैं. जनता को मोह माया से मुक्त करने के लिए एक फ़क़ीर इससे ज़्यादा और कर ही क्या सकता है.

अब तो नोटबंदी की लाइन में पैदा हुआ खजांची भी पूछ रहा है कि बड़े लोगों के पचास दिन का मतलब पचास महीने होता है या फिर पचास साल…