सुर्ख़ियां


Akhilesh Yadav

 

दिल्ली के आसपास का प्रदूषण अब लखनऊ तक पहुँच गया है. ये ख़तरे की घंटी है. सरकार की विफलताओं का आँकलन भी होना चाहिए और इस समस्या से निपटने के लिए हर एक को सभी मतभेद मिटाकर एकजुट भी हो जाना चाहिए. सत्ताधारियों को याद रहे उन्हें भी इसी हवा में साँस लेनी है.