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छठा चरण: दिग्गजों का चुनावी घमासान

popular faces of 6th phase loksabha election 2019

लोकसभा चुनाव के छठे दौर में कल सात राज्यों की 59 लोकसभा सीटों पर मतदान होगा. चुनाव आयोग ने छठे चरण के उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी कर दी है. छठे चरण में दिल्ली की सभी सात और हरियाणा की सभी दस सीटों के अलावा उत्तर प्रदेश की 14, बिहार, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल की आठ-आठ और झारखंड की चार सीटों पर मतदान होगा. नीचे दिग्गजों और प्रमुख सीटों की जानकारी दी गई है, जहां से कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा.

सपा प्रमुख और आजमगढ़ से उम्मीदवार अखिलेश यादव के सामने इस बार बीजेपी ने भोजपुरी सिनेमा के स्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को खड़ा किया है. कांग्रेस ने महागठबंधन के उम्मीदवार अखिलेश यादव को देखते हुए अपना प्रत्याशी नहीं खड़ा किया है, ऐसे में इस सीट पर सपा और बीजेपी में सीधी टक्कर है. बीजेपी के लगातार तीन कार्यकाल के बाद मुलायम सिंह यादव यहां से पिछली बार लोकसभा चुनाव जीतने में सफल रहे थे.

कांग्रेस ने इस बार भोपाल सीट से वरिष्ठ नेता और राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह को टिकट दिया है. वहीं बीजेपी ने क्षेत्र में विकास की जगह हिंदुत्व के एजेंडे को केंद्र में रखते हुए मालेगांव बम ब्लास्ट आरोपी प्रज्ञा ठाकुर को मैदान में उतारा है. भोपाल संसदीय क्षेत्र में अब तक हुए 16 चुनाव में कांग्रेस को छह बार जीत हासिल हुई है. इस सीट पर फिलहाल बीजेपी का ही कब्जा है. बीजेपी के अलोक संजर यहां के सांसद हैं. बीजेपी के गढ़ माने जाने वाले इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और कैलाश जोशी भी सांसद रह चुके हैं. कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह, साल 1993 से 2003 तक दो बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं.

बीजेपी ने सुलतनपुर से इस बार महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी को मैदान में उतारा है. पिछली बार मेनका गांधी ने पीलीभीत से चुनाव लड़ा था लेकिन पार्टी ने इस बार उनके बेटे वरुण गांधी को यहां से मौका दिया हैं. बीते चुनाव में वरुण गांधी ने जीत दर्ज कर सुलतानपुर बीजेपी के लिए 16 साल का सूखा खत्म किया था.

16वीं लोकसभा के लिए प्रयागराज से बीजेपी उम्मीदवार रीता बहुगुणा जोशी अपनी किस्मत आजमा रही हैं. बहुगुणा को पिछली बार लखनऊ लोकसभा क्षेत्र से हार का सामना करना पड़ा था. वहीं इस बार महागठबंधन के प्रत्याशी राजेंद्र सिंह पटेल के खिलाफ चुनाव जीत कर संसद तक पहुंचना भी बहुगुणा से लिए आसान नहीं होने वाला है.

पूर्वी दिल्ली सीट से आप उम्मीदवार आतिशी और बीजेपी उम्मीदवार गौतम गंभीर के बीच इस बार सीधी लड़ाई देखने को मिल रही है. जहां आप ने शिक्षा व्यवस्था के क्षेत्र में किए गए आतिशी के बेहतरीन कामों का जमकर प्रचार किया है, वहीं बीजेपी गौतम गंभीर की छवि के सहारे जीत में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है.

नार्थ-ईस्‍ट दिल्‍ली से बीजेपी, कांग्रेस और आप ने अपने सबसे सबसे मजबूत उम्मीदवार को मैदान में उतारा है. विकास के मामले में पिछड़े उत्तर पूर्वी दिल्ली में कांग्रेस ने विकास के अनुभवी चेहरे के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को टिकट दिया है तो भाजपा ने मनोज तिवारी को. दोनों ही अपनी-अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं. AAP ने भी अपने पूर्व प्रदेश संयोजक दिलीप पांडेय को मैदान में उतारा है. शीला 15 साल तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रही हैं. मनोज तिवारी यहां के मौजूदा सांसद हैं. पार्टी ने एक बार फिर उन्हीं पर उम्मीद जताई है. इस तरह से तीनों प्रमुख पार्टियों ने इस सीट को गंभीरता से लिया है.