बढ़ती कोविड टेस्ट क्षमता के साथ मामलों की संख्या में तेजी

Team NewsPlatform | April 13, 2020

number of covid 19 test surge as govt increase sample test

 

देश में कोरोना वारयस वैश्विक महामारी के कारण 35 और लोगों की मौत होने के बाद इस संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढ़कर सोमवार को 308 हो गई और संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 9,152 हो गई.

मंगलवार को 21 दिन के लॉकडाउन का आखिरी दिन है. लाइव मिंट की रिपोर्ट के अनुसार अब तक लॉकडाउन में कोविड-19 के मामले 10 गुना बढ़ गए हैं.

सरकार रोजाना अपनी टेस्टिंग क्षमता को बेहतर कर रही हैं वहीं रोजाना मामलों की संख्या भी नीचे आने का नाम नहीं ले रही है.

शुरुआती मामले आने के दौर में सरकार रोजाना 1200 सैंपल टेस्ट कर रही थी. हालांकि बाद में सरकार ने टेस्ट की संख्या बढ़ाकर 10,000 प्रतिदिन तक की.

कोविड 19 के प्रकोप को देखते हुए आईसीएमआर ने शुरुआत में ही सरकार को सबसे अधिक प्रभावित जिलों में टेस्टिंग बढ़ाने को लेकर आगाह किया था.

आईसीएमआर के डॉक्टर मनोज वी मुरेखा ने कहा, ‘अब तक कुल 1,95,7478 सैंपल की जांच हुई है. बीते पांच दिनों में रोजाना औसतन 15,747 सैंपल की जांच हुई जिसमें से 584 सैंपल पॉजिटिव पाए गए. ‘

वहीं रविवार को स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्रालय ने जानकारी दी कि टेस्टिंग की प्रकिया में तेजी लाने के लिए प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों को समान रूप से जिम्मेदारी दी गई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि इन अस्पतालों को राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही ये अस्पताल अपने निर्धारित सौंपे गए क्षेत्र में अन्य अस्पतालों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

सरकार ने बताया कि वो प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दे रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा कोविड 19 अस्पताल, आइसोलेशन बेड, आईसीयू बेड और क्वारंटाइन सुविधाए मुहैया कराई जा सके.

अग्रवाल ने कहा, ‘मौजूद समय में कुल संक्रमितों में से करीबन 1,671 मरीजों को बेड की जरूरत है. फिलहाल हमारे पास 601 कोविड अस्पतालों में  105,980 बेड हैं.’

दिल्ली स्थित एम्स में 50 आईसीयू बेड और 70 वेंटिलेटर समेत कुल 250 बेड हैं. उन्होंने कहा कि सराकर आइशोलेशन बेड की संख्या आगे और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है. साथ ही प्रत्येक राज्य में एक विशेष स्वास्थ्य अधिकारी की नियुक्ति की गई है.

उन्होंने कहा कि सुदूर और दुर्गम इलाकों में वाटरप्रूफ टेंट मुहैया कराए गए हैं. लगभग बीस हजार ट्रेन कोच को आईसोलेशन वॉर्ड में तबदील किया जाएगा.

एम्स और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेस जैसे प्रमुख संस्थान स्वास्थ्य कर्मियों की ट्रेनिंग भी करा रहे हैं.

राष्ट्रीय महामारी विज्ञान संस्थान के  साइंटिफिक एडवाजरी कमिटी के चैयरमैन ने कहा कि ‘सवाल ये है कि बीते दिनों में पॉजिटिव मामलों की संख्या इसलिए बढ़ी क्योंकि ज्यादा टेस्ट किए गए. प्रमुख बात ये भी है कि जनसंख्या में इंफेक्शन  फैल रहा है.’


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