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मध्य प्रदेश में कांग्रेस को मिला मायावती और अखिलेश का साथ

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मध्य प्रदेश में मायावती और अखिलेश यादव ने कांग्रेस की सरकार बनाने के लिए पार्टी को अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया है.

बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने बयान जारी करते हुए यह साफ कर दिया है कि बीएसपी मध्य प्रदेश में कांग्रेस को समर्थन दे रही है और अगर जरूरत पड़ी तो वह राजस्थान में भी पार्टी को समर्थन देने को तैयार है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में बीजेपी को सत्ता से बाहर रखने के लिए बीएसपी कांग्रेस को समर्थन देगी.

वहीं अखिलेश यादव ने कहा है कि, “समाजवादी पार्टी मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस का समर्थन करती है.”

मायावती ने कहा है, “राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के परिणाम बताते हैं कि लोगों ने बीजेपी की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ कांग्रेस को इसलिए चुना क्योंकि उनके पास किसी बेहतर विकल्प की कमी थी.”

उन्होंने कहा, “हालांकि कांग्रेस की अधिकतर नीतियों के साथ हमारी सहमति नहीं है लेकिन हम फिर भी उन्हें मध्य प्रदेश में समर्थन देने को तैयार हैं और अगर जरूरत पड़ी तो हम उन्हें राजस्थान में भी समर्थन देंगे.”

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी 230 सीटों के परिणाम आने के बाद 114 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश किया है. वहीं 109 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर मौजूद बीजेपी का कहना है कि वह भी निर्दलीय और अन्य दलों के साथ मिलकर सरकार बनाने की मंशा रखती है.

सभी 230 सीटों पर परिणाम आने के बाद कांग्रेस को 114, बीजेपी के 109, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) को दो, समाजवादी पार्टी को एक और निर्दलीय उम्मीदवारों को चार सीटें मिली हैं. प्रदेश में 230 सीटों वाली विधानसभा में किसी भी पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए 116 सीटें होनी जरूरी हैं.

चूंकि किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है, ऐसे में सत्ता की कुंजी बीएसपी, एसपी और चार निर्दलीय विधायकों के पास आ गई है.

ऐसे में मध्यप्रदेश में बीएसपी और एसपी का समर्थन मिलने के बाद पूरी संभावना है कि प्रदेश में कांग्रेस अपनी सरकार बनाने में सफल रहेगी.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर सरकार बनाने का दावा पेश किया है. उन्होंने राज्यपाल से मिलने का वक्त मांगा है और कहा कि उनके दल के पास सरकार बनाने का पर्याप्त आंकड़ा है और उन्हें अन्य दलों और निर्दलीय विधायकों का समर्थन हासिल है.

मीडिया से बात करते हुए कमलनाथ ने कहा कि, “सरकार बनाने के लिये हमारे पास बहुमत का आंकड़ा है. बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी और यहां तक की निर्दलीय भी हमारे साथ हैं. हमने राज्यपाल से मिलने का समय मांगा है और हम उन्हें हमारे बहुमत के बारे में बताकर सरकार बनाने की अनुमति देने का आग्रह करेगें.” उन्होंने कहा कि पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक बुधवार शाम को बुलाई गई है.

बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अभी तक मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है.

इस बीच बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए जनादेश नहीं मिला है. पार्टी का दावा है कि अन्य दल और निर्दलीय उसके संपर्क में हैं. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने मंगलवार देर रात को ट्वीट किया, “प्रदेश में कांग्रेस को जनादेश नहीं है. कई निर्दलीय और अन्य बीजेपी के संपर्क में हैं. कल राज्यपाल महोदया से मिलेंगे.”