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45 मिनट के खराब खेल के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए: कोहली

Hard to accept 45 minutes of bad cricket put us out of World Cup says Kohli

 

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने विश्व कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों हार के लिए शीर्ष क्रम की नाकामी को जिम्मेदार ठहराया है. कोहली ने कल मैच के बाद कहा कि 45 मिनट के खराब खेल के कारण टूर्नामेंट में अब तक रहे उनके बेहतरीन प्रदर्शन पर पानी फिर गया.

न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 240 रन का लक्ष्य रखा था लेकिन उसका शीर्ष क्रम लड़खड़ा गया. दस ओवर के बाद उसका स्कोर चार विकेट पर 24 रन था और आउट होने वाले बल्लेबाजों में रोहित शर्मा और कोहली भी शामिल थे. इसके बाद रविंद्र जडेजा (77) और महेंद्र सिंह धोनी (50) ने उम्मीद जगाई लेकिन भारतीय टीम 221 रन पर ऑल आउट हो गई.

कोहली ने मैच के बाद कहा, “जब आप पूरे टूर्नामेंट में अच्छा खेलते हो और फिर 45 मिनट के खराब क्रिकेट के कारण बाहर हो जाते हो तो बहुत बुरा लगता है. इसे पचा पाना मुश्किल है लेकिन न्यूजीलैंड को श्रेय जाता है.”

उन्होंने कहा, “हमने बहुत अच्छी गेंदबाजी की. हमारे सामने जो लक्ष्य था उसे हासिल किया जा सकता था लेकिन पहले आधे घंटे में उन्होंने जिस तरह से गेंदबाजी की उससे अंतर पैदा किया. न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को श्रेय जाता है. उन्होंने वास्तव में नई गेंद से बेहतरीन गेंदबाजी की.”

बारिश से प्रभावित यह मैच दो दिन तक चला. भारत ने मंगलवार को न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को खुलकर नहीं खेलने दिया. कोहली ने भारतीय गेंदबाजों तथा जडेजा और धोनी की भी तारीफ की.

उन्होंने कहा, “हम जानते थे कि कल का दिन हमारे लिये अच्छा था और हमें उस पर गर्व है. जडेजा ने पिछले दो मैचों में शानदार प्रदर्शन किया. वह बेहद स्पष्ट रवैये के साथ क्रीज पर उतरा था. धोनी के साथ उसने अच्छी साझेदारी निभायी. यह छोटे छोटे अंतर वाला मैच रहा.”

कोहली ने कहा, ‘‘शाट का हमारा चयन बेहतर हो सकता था लेकिन हमने पूरे टूर्नामेंट में अच्छी क्रिकेट खेली. न्यूजीलैंड ने महत्वपूर्ण क्षणों में साहसिक खेल दिखाया और वे जीत के हकदार थे. ’’

न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने कहा कि यह बेहतरीन मैच था जिसमें उनकी टीम भारत को दबाव में रखने की रणनीति में सफल रही.

विलियमसन ने कहा, “एक बेहतरीन सेमीफाइनल जो दो दिन तक चला और हम बहुत खुश हैं कि परिणाम हमारे अनुकूल रहा. यह वास्तव में कड़ा मैच था. दोनों टीमों को बड़े स्कोर वाले मैच की उम्मीद थी. हम केवल 240 ही बना सके लेकिन भारत को दबाव में रखा. हर किसी ने काफी योगदान दिया.”

उन्होंने कहा, “हम भारत पर दबाव बनाने के लिए सही क्षेत्र में गेंद करना चाहते थे. हम शुरू में कुछ विकेट हासिल करना चाहते हैं और गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत दिलायी. हमें अधिक से अधिक समय तक खेल में बने रहने की जरूरत थी.”

विलियमसन ने स्वीकार किया कि जडेजा और धोनी ने एक बार उनकी टीम को चिंता में डाल दिया था.

उन्होंने कहा, “जिस तरह से जडेजा और धोनी गेंद को हिट कर रहे थे वे जीत भी सकते थे लेकिन हमारा क्षेत्ररक्षण शानदार रहा. हम सेमीफाइनल में अंडरडॉग के रूप में आये थे और यहां कुछ भी हो सकता था. अच्छा लगा कि लड़कों ने दो दिन तक जुझारूपन बनाए रखा.”

मैट हेनरी ने भारतीय शीर्ष क्रम लड़खड़ाया और 37 रन देकर तीन विकेट लिये. उन्हें मैन आफ द मैच चुना गया.

हेनरी ने कहा, “हमने इस पर बात की कि हमें अपनी तरफ से जितना सर्वश्रष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं, हमें वह करना चाहिए. हमें खुद पर विश्वास था. हम जानते थे कि हमें अच्छी गेंदबाजी करनी ही होगी. उनके पास विश्वस्तरीय बल्लेबाज थे और हम जानते थे कि जीत दर्ज करने के लिये हमें उन्हें आउट करना होगा.”