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फडणवीस 40 हजार करोड़ रुपये की निधि बचाने के लिए दोबारा मुख्यमंत्री बने: हेगड़े

Fadnavis made CM second time to protect Rs 40k crore central funds claims Ananth Kumar Hegde

 

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद अनंत कुमार हेगड़े ने दावा किया कि उनकी पार्टी के देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के नियंत्रण वाली 40,000 करोड़ रुपये की केंद्रीय निधि का ‘दुरुपयोग’ होने से ‘बचाने’ के लिए बहुमत ना होने के बावजूद पिछले महीने महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनाया गया.

विवादित बयान देने के लिए पहचाने जाने वाले हेगड़े ने महाराष्ट्र में बीजेपी द्वारा सरकार बनाने को ‘नाटक’ बताते हुए इस प्रकरण में एक नया दिलचस्प मोड़ देने की कोशिश की. हेगड़े ने मुख्यमंत्री के तौर पर फडणवीस के दूसरी बार शपथ लेने के महज 80 घंटों बाद इस्तीफा देने को ‘नाटक’ बताते हुए कहा कि यह इसलिए किया गया कि विकास कार्यों के लिए दी गई निधि की ‘रक्षा’ की जा सके.

हेगड़े ने कहा, ”आप सभी जानते हैं कि महाराष्ट्र में हाल ही में महज 80 घंटों के लिए हमारा आदमी मुख्यमंत्री था लेकिन जल्द ही फडणवीस ने इस्तीफा दे दिया. हमने यह नाटक क्यों किया? क्या हम नहीं जानते थे कि हमारे पास बहुमत नहीं है, वह क्यों मुख्यमंत्री बने? यह आम सवाल है जो हर कोई पूछ रहा है.”

उत्तर कन्नड़ जिले में येल्लापुर में उपचुनाव के लिए प्रचार अभियान के दौरान शनिवार को एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ”मुख्यमंत्री के नियंत्रण में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि थी. अगर एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना सत्ता में आती तो निश्चित तौर पर 40,000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल विकास कार्य के लिए नहीं किया जाता और इसका दुरुपयोग किया जाता.”

बीजेपी नेता ने कन्नड़ भाषा में कहा, ”यह पहले ही तय था. जब हमें पता चला कि तीनों पार्टियां सरकार बना रही हैं तो यह नाटक रचने का फैसला किया गया. इसलिए बंदोबस्त किया गया और फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई जिसके बाद 15 घंटों के भीतर फडणवीस ने पैसे को वही पहुंचा दिया जहां उसे जाना चाहिए था और उसे बचा लिया.”

उन्होंने कहा, ”पूरा पैसा केंद्र सरकार को वापस दे दिया गया वर्ना ‘अगले मुख्यमंत्री ने…आप जानते हैं कि क्या किया होता.’

बीजेपी नेता अनंत हेगड़े के महाराष्ट्र को लेकर किए गए खुलासे पर खुद देवेंद्र फडणवीस ने सफाई दी. फडणवीस ने कहा है कि मैंने मुख्यमंत्री रहने के दौरान कोई नीतिगत फैसला नहीं लिया. मुझ पर लगाए जा रहे सभी आरोप झूठे हैं.