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अयोध्या मामला: कांग्रेस ने कहा पार्टी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करती है

tenure of special judge in babri demolition case extended

 

अयोध्या बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद  कांग्रेस पार्टी ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करती है. पार्टी ने लोगों से शांति एवं सामाजिक सौहार्द्र बनाए रखने की अपील भी की.

कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने कहा कि वह अयोध्या मामले पर आए  कोर्ट के फैसले का सम्मान करती है और अब सभी को शांति एवं सौहार्द सुनिश्चित करना चाहिए.

पार्टी ने कहा, ‘हम सभी संबंधित पक्षों और सभी समुदायों से निवेदन करते हैं कि वे भारत के संविधान में स्थापित ‘सर्वधर्म समभाव’ तथा भाईचारे के उच्च मूल्यों को निभाते हुए अमन-चैन का वातावरण बनाए रखें.’

पार्टी ने कहा, ‘हर भारतीय की जिम्मेदारी है कि हम सब देश की सदियों पुरानी परस्पर सम्मान और एकता की संस्कृति एवं परंपरा को जीवंत रखें.’

अयोध्या मामले पर कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने  कहा कि इससे देश का सामाजिक ताना बाना और मजबूत होगा.

राजनाथ ने ट्वीट किया, ‘माननीय सुप्रीम कोर्ट  का यह फैसला ऐतिहासिक है . इस फैसले से भारत का सामाजिक ताना-बाना और मजबूत होगा.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि इस फैसले को सदभाव और उदारता से लिया जाए . मैं लोगों से इस ऐतिहासिक फैसले के बाद शांति और सद्भाव बनाये रखने की अपील भी करता हूं.’

गृह मंत्री अमित शाह ने सभी समुदाय से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करने की अपील करते हुए शांति बनाए रखने और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ को लेकर प्रतिबद्ध रहने को कहा.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जनता से अपील की कि लोकतांत्रिक देश के नागरिक होने के नाते वे अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट  के फैसले को स्वीकार करें.

उन्होंने कहा, ‘लोकतांत्रिक देश की जनता होने के नाते अयोध्या मामले पर कोर्ट का फैसला सभी को स्वीकार करना चाहिए. न्यायपालिका में हम सभी का विश्वास है. लोगों को शांति और सद्भाव बनाए रखना चाहिए.’

विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा, ‘न्यायालय राम मंदिर के लिए रामलला की जन्मभूमि दे रहा है, लाखों कार्यकर्ताओं के बलिदान को सलाम.’

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व विचारक केएन गोविंदाचार्य ने इसका श्रेय विहिप के नेता दिवंगत अशोक सिंघल और बीजेपी के नेता लालकृष्ण आडवाणी को दिया.

उन्होंने कहा, ‘मैं बेहद खुश हूं. अब तीन महीने के अंदर मंदिर निर्माण की योजना तैयार कर ली जाएगी.’  गोविंदाचार्य ने कहा कि देश में सांप्रदायिक सौहार्द्र हर हाल में बना रहना चाहिए जिससे वह ‘राम मंदिर’ से ‘राम राज्य’ की दिशा में बढ़ सके.

यह पूछे जाने पर कि वह राम मंदिर निर्माण के आंदोलन की सफलता का श्रेय किसे देंगे, उन्होंने कहा, ‘लाखों कार्यकर्ताओं ने बलिदान दिया है. आंदोलन के नेतृत्व के लिये, मैं सबसे ज्यादा श्रेय अशोक सिंघल और लालकृष्ण आडवाणी को दूंगा.’

इस फैसले पर सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील ने कहा कि मंदिर का अंदरूनी हिस्सा दूसरे पक्ष को देना न्यायोचित नहीं है.

अयोध्या मामले पर कोर्ट का फैसला आने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सभी को मिलकर फैसले का सम्मान करना चाहिए और किसी प्रकार के उत्साह, जश्न या विरोध का हिस्सा नहीं बनना चाहिए.

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने फैसला आने के बाद ट्वीट किया, ‘अयोध्या मामले पर फैसला आ चुका है. एक बार फिर आपसे अपील करता हूं कि कोर्ट के इस फैसले का हम सभी मिलजुलकर सम्मान एवं आदर करें. किसी प्रकार के उत्साह, जश्न और विरोध का हिस्सा ना बनें. अफवाहों से सावधान एवं सजग रहें. किसी भी प्रकार के बहकावे में ना आएं.’

उन्होंने कहा, ‘आपसी भाईचारा, संयम, अमन-चैन, शांति, सद्भाव एवं सौहार्द बनाये रखने में पूर्ण सहयोग प्रदान करें. सरकार प्रदेश के हर नागरिक के साथ खड़ी है. कानून व्यवस्था एवं अमन-चैन से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख़्शा नहीं जाएगा.’