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महाराष्ट्र : कांग्रेस ने शाह के कश्मीर पर दिए भाषण को हथकंडा बताया

amit shah presented bill proposing extension of president rule in jk

 

महाराष्ट्र कांग्रेस ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाए जाने पर दिए एक भाषण को ‘ध्यान भटकाने का हथकंडा’ करार दिया है.

पार्टी ने कहा कि अमित शाह अगर 370 पर बोलना चाहते हैं तो उन्हें जम्मू-कश्मीर जाना चाहिए.

कांग्रेस की राज्य इकाई के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने एक बयान में कहा, ‘यह ध्यान भटकाने का हथकंडा है. मैं शाह को याद दिलाना चाहूंगा कि चुनाव महाराष्ट्र में होने हैं न कि जम्मू-कश्मीर में. अगर वह अनुच्छेद 370 पर बोलना चाहते हैं तो उन्हें इसके लिए उन्हें जम्मू-कश्मीर जाना चाहिये.’

शाह ने मुंबई में एक चुनावी रैली में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भी अनुच्छेद 370 को लेकर हमला करते हुए कहा कि अगर नेहरू ने बेवक्त पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम की घोषणा नहीं की होती तो ‘पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर’ अस्तित्व में नहीं आता.

शाह ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह अनुच्छेद 370 की समाप्ति के पीछे राजनीति देखती है जबकि बीजेपी इस तरह से नहीं सोचती.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राकांपा सुप्रीमो शरद पवार को यह बताना चाहिए कि वह अनुच्छेद 370 की समाप्ति के पक्ष में हैं या इसका विरोध करते हैं.

सावंत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र में अनुच्छेद 371 लागू है. उन्होंने इसके प्रावधानों का भी जिक्र किया जिसमें स्थानीय निवासियों को नौकरियों में प्राथमिकता देने की बात कही गई है.

उन्होंने कहा, ‘हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि देवेंद्र फड़णवीस सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल में महाराष्ट्र का कर्ज दोगुना हो गया है. पहले की सरकारों के आंकड़ों की तुलना में इन पांच वर्षों में किसान आत्महत्याओं में तीन गुना वृद्धि हुई है.’

कांग्रेस नेता ने कहा कि छोटे और मंझोले उद्योग बुरे दौर से गुजर रहे हैं जिसकी वजह से बेरोजगारी इतनी बढ़ गई है.

इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि बीजेपी जम्मू-कश्मीर में कुछ साल तक महबूबा मुफ्ती के साथ सत्ता में रही और पार्टी को यह बताना चाहिये कि अब महबूबा को हिरासत में क्यों रखा गया है.’

महाराष्ट्र कांग्रेस ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाए जाने पर दिए एक भाषण को ‘ध्यान भटकाने का हथकंडा’ करार दिया है.

पार्टी ने कहा कि अमित शाह अगर 370 पर बोलना चाहते हैं तो उन्हें जम्मू-कश्मीर जाना चाहिए.

कांग्रेस की राज्य इकाई के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने एक बयान में कहा, ‘यह ध्यान भटकाने का हथकंडा है. मैं शाह को याद दिलाना चाहूंगा कि चुनाव महाराष्ट्र में होने हैं न कि जम्मू-कश्मीर में. अगर वह अनुच्छेद 370 पर बोलना चाहते हैं तो उन्हें इसके लिए उन्हें जम्मू-कश्मीर जाना चाहिये.’

शाह ने मुंबई में एक चुनावी रैली में पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर भी अनुच्छेद 370 को लेकर हमला करते हुए कहा कि अगर नेहरू ने बेवक्त पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम की घोषणा नहीं की होती तो ‘पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर’ अस्तित्व में नहीं आता.

शाह ने कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह अनुच्छेद 370 की समाप्ति के पीछे राजनीति देखती है जबकि बीजेपी इस तरह से नहीं सोचती.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राकांपा सुप्रीमो शरद पवार को यह बताना चाहिए कि वह अनुच्छेद 370 की समाप्ति के पक्ष में हैं या इसका विरोध करते हैं.

सावंत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र में अनुच्छेद 371 लागू है. उन्होंने इसके प्रावधानों का भी जिक्र किया जिसमें स्थानीय निवासियों को नौकरियों में प्राथमिकता देने की बात कही गई है.

उन्होंने कहा, ‘हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि देवेंद्र फड़णवीस सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल में महाराष्ट्र का कर्ज दोगुना हो गया है. पहले की सरकारों के आंकड़ों की तुलना में इन पांच वर्षों में किसान आत्महत्याओं में तीन गुना वृद्धि हुई है.’

कांग्रेस नेता ने कहा कि छोटे और मंझोले उद्योग बुरे दौर से गुजर रहे हैं जिसकी वजह से बेरोजगारी इतनी बढ़ गई है.

इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि बीजेपी जम्मू-कश्मीर में कुछ साल तक महबूबा मुफ्ती के साथ सत्ता में रही और पार्टी को यह बताना चाहिये कि अब महबूबा को हिरासत में क्यों रखा गया है.’