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बुलंदशहर हिंसा मामले में बजरंग दल का जिला संयोजक सहित चार गिरफ्तार

bulandshahar violence on the name of cow slaughtering

 

बुलंदशहर के स्याना गांव में गौहत्‍या की अफवाह के बाद फैली हिंसा और एक पुलिस अधिकारी के मारे जाने के मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बताया जाता है कि एक आरोपी योगेश राज बजरंग दल का जिला संयोजक है.

एडीजी (मेरठ जोन) प्रशांत कुमार ने बताया कि बुलंदशहर हिंसा के मामले में चार लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है. घटना के शेष नामजद और अज्ञात अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें तेज की जा रही हैं. उन्होंने बताया कि फिलहाल घटनास्थल वाले क्षेत्र में पूरी तरह शांति है. हालांकि एहतियात के तौर पर वहां पर अतिरिक्त पुलिस तैनात किया गया है.

उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा को बताया कि हिंसा की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. इस जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हिंसा क्यों हुई और क्‍यों पुलिस अधिकारी इंस्‍पेक्‍टर सुबोध कुमार को अकेला छोड़कर भाग गए.

इस मामले में पुलिस ने कुल 27 नामजद और 60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.

तीन दिसम्बर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कथित तौर पर गोकशी के बाद मचे बवाल में गुस्साई भीड़ ने स्याना थाने के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी थी. वहीं गोली लगने से एक युवक की मौत भी हो गई. प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच एडीजी इंटेलीजेंस को सौंपी है. एजेंसी को 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट देनी है. इसके साथ ही मेरठ रेंज के महानिरीक्षक की अध्यक्षता में एक एसआईटी का भी गठन किया गया है.

बुलंदशहर में हुई घटना में पांच पुलिस कर्मी और करीब आधा दर्जन आम लोगों को भी मामूली चोटें आई है. भीड़ की हिंसा में कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया है और तीन कारों को आग लगा दी गई. बताया जा रहा है कि इस हिंसा में तीन गांव के करीब चार सौ लोग शामिल हैं.

गोकशी की खबर से गुस्साई भीड़ ने इस दौरान पुलिस पर पथराव करते हुए उसके कई वाहनों और चिंगरावठी पुलिस चौकी में आग लगा दी. मामले की सूचना मिलने के बाद कई थानों की पुलिस और आला अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए और हालात को काबू में करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

एडीजी के मुताबिक कथित गोकशी की घटना के बाद एफआईआर लिख ली गयी थी लेकिन भीड़ ने सड़क पर जाम लगा दिया था. इसी जाम को हटाने के दौरान भीड़ उग्र हो गई और दोपहर 12 से डेढ़ बजे के बीच पथराव और हिंसा हुई. उन्होंने कहा कि जिले में पांच कंपनी आरएएफ तथा छह कंपनी पीएसी पहले से ही तैनात थी और पुलिस बल भेजा जा रहा है.

उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के इज्तेमा में शामिल अभी करीब आधे लोग वहां हैं जिन्हें पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में वहां से निकाला जा रहा है.