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हमारी परंपरा में, बलात्कारियों के लिए कोई सजा नहीं: राकेश सिन्हा

bjp mp rakesh sinha said in our tradition there is no law for punishing rapist

 

भीड़ की हत्या पर आरएसएस सरसंघचालक के एक बयान पर बीजेपी के राज्य सभा सांसद राकेश सिन्हा ने सफाई देते हुए कहा कि ‘हमारी परंपरा में ऐसा कोई कानून या अधिनियम नहीं है जो किसी व्यक्ति को रेप या चोरी के लिए सजा दे, पर दूसरे समाजों और धर्मों में ये परंपरा है.’

संघ विचारक सिन्हा ने कहा, ‘इस्लामिक समाज में रेप के लिए सजा है, चोरी के लिए सजा है. भारत में ऐसा नहीं होता है. मध्यकालीन इसाई दुनिया में भीड़ की हिंसा होती थी और ये आज भी हो रही है.’

एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने मोहन भागवत के बयान के बचाव में कहा कि ‘आरएसएस प्रमुख ने भीड़ की हिंसा को विदेशी कॉन्सेप्ट बताकर कुछ गलत नहीं कहा क्योंकि भारत के इतिहास में इसके लिए कोई सजा नहीं है.’

मोहन भागवत ने महाराष्ट्र के नागपुर शहर में विजयादशमी के मौके पर रेशमीबाग मैदान में ‘शस्त्र पूजा’ के बाद स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा था कि ”लिंचिग’ शब्द की उत्पत्ति भारतीय लोकाचार से नहीं हुई, ऐसे शब्द को भारतीयों पर ना थोपें.’

साथ ही भागवत ने कहा, ‘भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या करना पश्चिमी तरीका है. देश को बदनाम करने के लिए भारत के संदर्भ में इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘आरएसएस प्रमुख ने कहा था कि इस तरह की घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं किया जाना चाहिए और ना ही इन्हें हिंदुत्व की विचारधारा से जोड़ा जाना चाहिए. उनका संबोधन पदाधिकारियों, पुलिस और सभ्य समाज के लिए संदेश है कि कृप्या ऐसे लोगों को हिंदुत्व से अलग करें और संविधान के अनुरूप सजा दें.’