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गुजरात: ‘वायु’ चक्रवात के मद्देनजर तटीय क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी

as vayu cyclone inches towards gujarat 30 ndrf team deployed in coastal areas

 

गुजरात की ओर बढ़ रहे ‘वायु’ चक्रवात के मद्देनजर सरकार ने तटीय क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. मौसम विभाग के मुताबिक ‘वायु’ 13 जून तक गुजरात के तटवर्ती क्षेत्र पोरबंदर और कच्छ पहुंच सकता है.

मौसम विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, सुदूर समुद्र में हवा के कम दबाव का क्षेत्र तेजी से बनने के कारण ‘वायु’ के 13 जून को गुजरात के तटवर्ती पोरबंदर और कच्छ क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है.

मौसम विभाग ने इसके मद्देनजर सौराष्ट्र और कच्छ के तटीय इलाकों में 13 और 14 जून को भारी बारिश होने साथ ही 110 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है. स्थिति की गंभीरता के मद्देनजर गुजरात सरकार ने भी ‘हाई अलर्ट’ जारी करते हुए सौराष्ट्र और कच्छ इलाकों में सुबह तूफान की आशंका वाले तटीय इलाकों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों को तैनात किया है.

विभाग ने अगले 12 घंटों में चक्रवात के और अधिक गंभीर रूप धारण करने की आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर की ओर बढ़ता ‘वायु’ 13 जून को सुबह गुजरात के तटीय इलाकों में पोरबंदर से महुवा, वेरावल और दीव क्षेत्र को प्रभावित करेगा. इसकी गति 115 से 130 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है. इसके बाद तूफानी हवाओं की गति धीरे-धीरे मंद पड़ना शुरु हो जाएगी.

तटीय क्षेत्रों में मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. साथ ही बंदरगाहों को खतरे के संकेत और सूचना जारी करने को कहा गया है. वहीं राज्य सरकार ने समुद्री इलाकों में अगले तीन दिन तक स्कूल बंद रखने की घोषणा की है.

चक्रवात को देखते हुए राज्य स्तर पर 13-14 जून को होने वाले स्कूल नामांकन की प्रक्रिया की तारीख आगे बढ़ा दी गई है.

बुलेटिन के अनुसार चक्रवात के दौरान कच्छ, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, दीव, गीर सोमनाथ, अमरेली और भावनगर जिलों के तटीय क्षेत्र में एक से डेढ़ मीटर ऊंची समुद्री लहरें उठने की आशंका है.

गुजरात मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा,”13 और 14 जून हमारे लिए अहम है. राहत और बचाव कार्य के लिए हमने एनडीआरएफ, कोस्ट गार्ड और आर्मी तैनात की है. हम तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित क्षेत्रों में ले जा रहे हैं.”

राज्य सरकार के मुताबिक सौराष्ट्र और दीव के साथ तटीय क्षेत्रों से करीबन तीन लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पंहुचाया जा रहा है.