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प्रति व्यक्ति आय के मामले में 2030 तक भारत से आगे होगा बांग्लादेश

gdp growth rate slips to five year lowest

 

अगले दशक में विश्व के सात देशों का आर्थिक विकास 7 फीसदी के दर से होगा. इनमें खासकर एशियाई देशों का दबदबा रहेगा. भारत, बांग्लादेश के साथ-साथ वियतनाम, म्यांमार, फिलीपीन्स, इथोपिया और आइवरी कोस्ट इसमें शामिल हैं.

स्टैंडर्ड चार्टेड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति आय साढ़े तीन गुना से अधिक बढ़कर लगभग चार लाख हो जाएगी. साल 2018 में बांग्लादेश की प्रति व्यक्ति आय लगभग 1 लाख 13 हजार थी. इतना ही नहीं, प्रति व्यक्ति आय बढ़ने के मामले में बांग्लादेश भारत को पछाड़ सकता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि 2030 तक भारत की प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन लाख 80 हजार तक ही हो पाएगी. 2018 में यह लगभग 1 लाख 33 हजार थी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि 2020 से 2030 की अवधि को एशियाई दशक कहा जा सकता है. इस दौरान एशिया की आर्थिक विकास दर 7 फीसदी पर बरकरार रहने की उम्मीद है.

स्टैंडर्ड चार्टेड बैंक के भारत शोध प्रमुख मधुर झा और अर्थशास्त्री डेविड मान के मुताबिक, भारत, बांग्लादेश, वियतनाम म्यांमार और फिलीपीन्स को इस बेंचमार्क को पूरा कर लेना चाहिए.

इथोपिया और आइवरी कोस्ट के भी 7 फीसदी के दर से आर्थिक विकास करने का अनुमान है. इसका मतलब है कि हर दस साल में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दोगुना होगा.

साल 2030 तक वियतनाम की प्रति व्यक्ति आय लगभग साढ़े सात लाख हो जाएगी. 2018 में यह 1 लाख 75 हजार थी.

बैंक के अनुसार, इस ग्रुप के दक्षिण एशियाई सदस्य जीडीपी के मामले में विश्व में अलग दिखेंगे. साल 2030 तक विश्व की आबादी का एक तिहाई इन्हीं देशों में रह रहा होगा.

रिपोर्ट में कहा गया है कि डेमोग्राफिक डिविडेंड भारत के लिए वरदान साबित होगा. वहीं बांग्लादेश के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश करना भी लाभदायक होगा.

बैंक 7 फीसदी के दर से आर्थिक विकास करने वाले देशों का आंकलन 2010 से कर रहा है. उसके आंकलन में एशियाई देशों का दबदबा एक बदलाव के रूप में सामने आया है.