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वाडा ने भारत की राष्ट्रीय डोप जांच प्रयोगशाला को किया निलंबित

WADA suspends India's National Dope Testing Laboratory

 

देश में चल रहे डोपिंग रोधी अभियान के बीच विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने राष्ट्रीय डोप जांच प्रयोगशाला (एनडीटीएल) की मान्यता छह महीने के लिए निलंबित कर दी है.

तोक्यो ओलंपिक के आयोजन में एक वर्ष का भी समय नहीं बचा है. ऐसे में वाडा का यह कदम देश में डोपिंग के खिलाफ चल रहे अभियान के लिए एक बड़ा झटका है.

ऐसा समझा जा रहा है कि राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) अब भी नमूने एकत्र कर सकती है लेकिन उसे एनडीटीएल के निलंबन की अवधि के दौरान नमूनों की जांच देश के बाहर ऐसी प्रयोगशाला से करानी होगी जो वाडा से मान्यता प्राप्त हो.

वाडा ने अपनी वेबसाइट पर जारी मीडिया विज्ञप्ति में बताया कि वाडा के निरीक्षण के दौरान एनडीटीएल को प्रयोगशालाओं के लिए तय अंतरराष्ट्रीय मानकों (आईएसएल) के अनुरूप नहीं पाया गया जिसके कारण उसे निलंबित किया गया.

वहीं एनडीटीएल से सभी टेस्टिंग प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से रोकने को कहा गया है. साथ ही सभी मौजूदा सैंपल को सावधानीपूर्वक मान्यता प्राप्त लैब में भेजने का निर्देश दिया गया है.

हालांकि एनडीटीएल अगले 21 दिनों के भीतर ल्युसाने स्थित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट्स में अपील कर सकता है.

वाडा ने एक विज्ञप्ति में कहा,”20 अगस्त 2019 से प्रभावी निलंबन के तहत एनडीटीएल डोपिंग निरोधक कार्रवाई नहीं कर सकता जिसमें मूत्र और रक्त के नमूनों का विश्लेषण शामिल है. इस निलंबन के दौरान नमूनों की जांच वाडा से मान्यता प्राप्त दूसरी लैब से करानी होगी.”

वाडा ने कहा कि उसके प्रयोगशाला विशेषज्ञ समूह (लैबईजी) ने इस साल मई में वाडा की मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की थी.

वाडा ने कहा, “यह प्रक्रिया अब पूरी हो गई है.”

इसने कहा , “यदि एनडीटीएल लैबईजी को संतुष्ट कर देता है कि उसने कमियों को दुरूस्त कर लिया है तो वह निलंबन की छह महीने की अवधि से पहले बहाली के लिए आवेदन कर सकता है.”

वाडा ने यह भी कहा , “लेकिन छह महीने की निलंबन अवधि समाप्त होने पर भी लैब अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नहीं बन पाती है तो वाडा अगले छह महीने और इसे निलंबित कर सकता है.”

खेल मंत्रालय के लिए यह बड़ी पेचीदा स्थिति हो गई है जिसने बमुश्किल बीसीसीआई को नाडा के दायरे में आने के लिए तैयार किया था.

डोपिंग निरोधक मसलों के विशेषज्ञ खेल मामलों के वकील पार्थ गोस्वामी ने कहा,”खेल मंत्रालय और नाडा के लिये यह पेचीदा स्थिति है. वैसे जांच एशिया में ही किसी लैब में होगी लेकिन लागत पर असर पड़ेगा.”

नाडा का इरादा तोक्यो ओलंपिक से पहले 5000 के करीब डोप टेस्ट करने का है.

गोस्वामी ने कहा ,”नाडा को लागत वहन करनी होगी. यह बड़ी चिंताजनक स्थिति है.”