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ओआईसी मंत्रियों ने सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर हमले की निंदा की

oic ministers condemn attack on saudi oil plants

 

इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) के विदेश मंत्रियों ने सऊदी अरब के तेल संयंत्रों पर हुए ड्रोन हमले की 15 सितंबर को निंदा की. इस हमले के लिए अमेरिका ने ईरान को जिम्मेदार ठहराया है.

पड़ोसी यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने तेल कंपनी अरामको के दो संयंत्रों पर 14 सितंबर को हुए हमलों की जिम्मेदारी ली. यमन में सऊदी अरब नीत सैन्य गठबंधन पांच साल से चल रहे संघर्ष में फंसा हुआ है.

ओआईसी ईरान की एक सदस्य की तौर पर गिनती करता है लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो सका कि वह बैठक में शामिल हुआ या नहीं. यह बैठक असल में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू की वेस्ट बैंक के हिस्से को शामिल करने की प्रतिबद्धता का जवाब देने के लिए बुलाई गई थी.

लेकिन इस मुद्दे की बजाए बैठक में समूह के महासचिव यूसुफ अल ओथाइमीन ने तेल संयंत्रों पर हुए हमले को केंद्र में रखा गया. इन हमलों के कारण सऊदी अरब के कच्चा तेल उत्पादन की क्षमता अस्थायी तौर पर आधी हो गई थी.

अल ओथाइमीन सऊदी अरब के सामाजिक मामलों के पूर्व मंत्री रहे हैं.

सऊदी अरब की सरकारी मीडिया द्वारा जारी बयान में उन्होंने कहा, ‘मंत्रियों ने इस आतंकवादी हमले की निंदा की और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बयानों का स्वागत किया जिसमें सऊदी अरब को अस्थिर करने के लिए जताई जा रही आक्रामकता को खारिज किया गया.’