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आरएन काव वार्षिक व्याख्यान में बुलाए गए पत्रकारों से आमंत्रण वापस लिया गया

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रामनाथ काव वार्षिक स्मारक व्याख्यान में बुलाए गए पत्रकारों से उनका आमंत्रण वापस ले लिए गया है. पहले कुछ प्रतिष्ठित पत्रकारों को रॉ के मुख्यालय में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में बुलाया गया था. अब उनसे कहा गया है कि उन्हें इस कार्यक्रम में आने की इजाजत नहीं है.

ये व्याख्यान भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के पूर्व प्रमुख रामनाथ काव की याद में हर साल आयोजित किया जाता है.

इस बार गृह मंत्री अमित शाह भी इस व्याख्यान में आंतरिक सुरक्षा पर भाषण देंगे.

इससे पहले इस महीने की शुरुआत में ही कुछ पत्रकारों को पहचान संबंधी कागजात उपलब्ध करा दिए गए थे. लेकिन बीते रविवार को रॉ के अधिकारियों ने उन्हें फोन कर इसे वापस लेने की जानकारी दी. इस दौरान कहा गया कि कार्यक्रम में मीडिया को आने की इजाजत नहीं होगी.

रॉ के अधिकारियों ने कहा कि उनकी सूची में मौजूद सभी पत्रकारों से व्यक्तिगत तौर पर बातचीत की गई, और उन्हें इस बारे में जानकारी दी गई.

रामनाथ काव की याद में आयोजित होने वाले इस व्याख्यान की शुरुआत साल 2007 में हुई. ये उनकी पुण्यतिथि के दिन आयोजित किया जाता है. अपनी शुरुआत के बाद से ही ये कार्यक्रम खुफिया एजेंसी के पूर्व और वर्तमान सदस्यों के बीच काफी लोकप्रिय रहा है.

रॉ का मुख्यालय लोधी रोड़ के निकट अति सुरक्षा वाले क्षेत्र में है. ये एकमात्र ऐसा कार्यक्रम है जहां मीडिया खुफिया एजेंसी के मुख्यालय में प्रवेश पा सकती थी.

इस कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को सुरक्षा पर व्याख्यान देने वालों से सवाल पूछने का खुला मौका मिलता था. साथ ही वे यहां आने वाले लोगों से बातचीत करने का अवसर भी पा जाते थे.

इस व्याख्यान सीरीज में काव परिवार के सदस्यों को बुलाया जाता है. इसमें रिटायर्ड अधिकारी भी हिस्सेदारी करते हैं और व्याख्यान देते हैं.

इससे पहले इस कार्यक्रम में कई मशहूर हस्तियों ने व्याख्यान दिए हैं. इसमें राजनयिक, उद्योगपति, नौकरशाह आते रहे हैं. इनमें कुमार मंगलम बिडला, शशि थरूर, एनएन वोहरा, पियूष पांडे, रघुराम राजन और भानु प्रताप मेहता आदि के नाम शामिल हैं.

इस कार्यक्रम की शुरुआत से अब तक के इतिहास में ये पहली बार है जब कोई सेवारत मंत्री भाषण देने जा रहा है.