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दंपति ने बेटे-बेटी की हत्या के बाद बिजनेस पाटर्नर के साथ की आत्महत्या

Ghaziabad: Couple commits suicide with business partner after son-daughter murder

 

दिल्ली से सटे गाजियाबाद के इंदिरापुरम की कृष्णा अपरा सोसायटी में एक सनसनीखेज मामले में एक दंपति ने कथित तौर पर अपने बेटे और बेटी की हत्या के बाद आठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली. उनके साथ एक अन्य महिला ने भी इमारत से कूदकर आत्महत्या की है.

पुलिस ने मंगलवार को बताया कि मृत शख्स की पहचान गुलशन वासुदेव (45) के तौर पर की गई है. उसने अपनी पत्नी प्रवीन और प्रबंधक संजना के साथ अपार्टमेंट की आठवीं मंजिल से कथित तौर पर कूदकर आत्महत्या कर ली.

पुलिस अधीक्षक (नगर) मनीष मिश्रा ने बताया कि आत्महत्या करने से पहले दंपति ने सोमवार रात को अपने बेटे ऋतिक (14) और बेटी ऋतिका (18) को मार दिया था. उन्होंने अपने पालतू खरगोश को भी मार दिया.

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बच्चों का गला घोंटा गया या उन्हें कुछ जहरीला पदार्थ दिया गया. पुलिस को बिस्तर पर खून भी मिला है और उन्हें शक है कि यह खरगोश का था.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि ऑटोप्सी रिपोर्ट आने के बाद बच्चों की मौत का कारण साफ हो पाएगा.

पुलिस को शक है कि इस घटना के पीछे पैसों के लेन-देन का विवाद हो सकता है.

सोसाइटी के गार्ड ने जोर से कुछ गिरने की आवाज सुनी जिसके बाद वह मौके पर गया तो तीन लोगों को जमीन पर पड़े देखा. उसने तत्काल पुलिस को सूचित किया जिसे घर में घुसने पर बच्चों के शव मिले.

गुलशन एक जींस कारोबारी था. उसे प्रवीन और संजना को पास के एक अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने कहा कि संजना बीते छह सालों से दंपत्ति के साथ रह रही थी.

पुलिस को घर की दीवार पर एक संदेश लिखा मिला है जिसमें राकेश वर्मा नाम के रिश्तेदार को उसे और उसके परिवार को वित्तीय संकट में डालने का आरोप लगाया गया है, जिसकी वजह से वे खुदकुशी करने के लिये बाध्य हुए.

पुलिस ने कहा कि संदेश में गुलशन ने कहा है कि सभी पांचों का अंतिम संस्कार एक ही जगह हो. संदेश में गुलशन के पिता और भाई का भी नंबर है. दीवार पर कुछ रुपये भी चिपकाए मिले हैं जो संभवत: अंतिम संस्कार के खर्च के लिए हैं.

पुलिस के मुताबिक गुलशन आर्थिक संकट में था क्योंकि साहिबाबाद के शालीमार गार्डन के रहने वाले राकेश ने उससे रियल एस्टेट में निवेश के लिए दो करोड़ रुपये लिए थे लेकिन उन्हें संपत्ति नहीं सौंपी.

पुलिस ने कहा कि गुलशन जब भी रुपये मांगता था, वह उसे चेक दे देता था जो बाउंस हो जाता था.

एसएसपी सिंह ने कहा कि गुलशन ने 2015 में राकेश के खिलाफ साहिबाबाद पुलिस थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी जिसके बाद उसे उसकी मां के साथ जेल हुई थी.

पुलिस ने कहा कि राकेश के परिवार के सदस्यों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.