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झारखंड विधानसभा चुनाव: रुझानों में जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन को बढ़त

several EVMs important parts are stolen in mp

 

झारखंड विधानसभा चुनाव पर निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक शुरुआती रुझानों में कांग्रेस 12, जेएमएम 25, बीजेपी 29, आरजेडी पांच, एजेएसयू दो, झारखंड विकास मोर्चा – प्रजातांत्रिक चार और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन एक सीट पर आगे चल रही है.

  जमशेदपुर पूर्व से निर्दलीय सरयू राय मुख्यमंत्री रघुबर दास से 4,643 से अधिक वोटों से आगे.

एजेएसयू अध्यक्ष सुदेश महतो सिल्ली सीट से आगे चल रहे हैं.

बाबूलाल मरांडी धनवार सीट से आगे.

दुमका और बरहेट दोनों सीटों से जेएमएम प्रमुख हेमंत सोरेन आगे.

24 जिला मुख्यालयों में गिनती सुबह 8 बजे से ही शुरू हो गई. निर्वाचन आयोग ने आज मतगणना के लिए सभी जिला मुख्यालयों में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए हैं.

राज्य में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और आरजेडी के गठबंधन से चुनौती का सामना कर रही है. एग्जिट पोल की मानें तो राज्य में जेएमएम, कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन मजबूत नजर आ रहा है.

मतगणना के दिन जिस सीट पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी, वो है जमशेदपुर पूर्वी सीट. मुख्यमंत्री रघुवर दास साल 1995 से यहां से जीतते आ रहे हैं. उनके खिलाफ उनके पूर्व-कैबिनेट सहयोगी सरयू राय मैदान में हैं.

झारखंड बीजेपी शासित तीसरा राज्य है जहां इस साल विधानसभा चुनाव हुए. महाराष्ट्र में बीजेपी सत्ता से बाहर हो गई तो वहीं हरियाणा में पार्टी दुष्यंत चौटाल की जननायक जनता पार्टी के साथ चुनाव बाद हुए गठबंधन के चलते सत्ता बचाने में कामयाब रही.

2014 में बीजेपी ने 37 सीटों पर जीत दर्ज की थी. पार्टी ने पांच सीट जीतने वाली एजेएसयू के साथ गठबंधन किया. हालांकि इन चुनाव में एजेएसयू ने बीजेपी का साथ छोड़ दिया और अकेले चुनाव लड़ी.

जेएमएम प्रमुख हेमंत सोरेन, कांग्रेस और आरजेडी सत्तारूढ़ बीजेपी को बाहर करने के लिए साथ आई हैं. जेएमएम ने 43, कांग्रेस ने 31 और आरजेडी ने सात सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दो सीटों- दुमका और बरहेट में अपनी दावेदारी पेश की. बीजेपी ने उनके खिलाफ दुमका से महिला और बाल विकास मंत्री लुईस मरांडी को मैदान में उतारा है.

2014 में सिल्ली सीट से हार का मुंह देखने वाले एजेएसयू अध्यक्ष सुदेश महतो एक बार फिर इसी सीट से दावेदारी पेश कर रहे हैं.

राज्य में ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (एजेएसयू) और झारखंड विकास मोर्चा – प्रजातांत्रिक अन्य महत्तवपूर्ण पार्टी हैं. ऐसे में त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति में इनकी भूमिका अहम हो जाएगी.

निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार राज्य में कम मतदान हुआ. साल 2014 में 66.5 फीसदी मतदान हुआ था जबकि इस बार 65.17 फीसदी लोगों ने मतदान किया.

साल 2000 में बिहार से अलग हो झारखंड एक अलग राज्य बना था. ये राज्य का चौथा विधानसभा चुनाव है. मौजूदा सरकार का कार्यकाल 5 जनवरी, 2020 को खत्म हो रहा है.