फर्जी मुठभेड़ के शिकार आदिवासी

| December 2, 2019

 

जून 2012 में छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सीपीआरपीएफ और पुलिस की फायरिंग में 17 आदिवासी ग्रामीण मारे गए थे. अब न्यायिक जांच की रिपोर्ट से साबित हुआ है कि मारे गए लोग माओवादी नहीं थे. उन्हें अकारण फायरिंग कर मार डाला गया. क्या अब इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा होगी? क्या अब आदिवासियों के असली मसलों को लेकर सरकार जागेगी?


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