भूख से मरने से अच्छा है हम सड़क पर मरें

| May 1, 2020

 

सरकार का ये दावा है कि गरीब प्रवासी मजदूरों को वापस गांव जाने की कोई जरूरत नहीं है और वो उन्हें या तो राशन या फिर पका भोजन मुहैया करवा रही है. तो फिर मजदूर क्यों आठ-आठ सौ किलोमीटर पैदल जाने को मजबूर हैं?


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