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In Depth: देश में बढ़ी गरीबी- यानी जो शक था, वही हुआ

 

जब बिजनेस स्टैंडर्ड अखबार ने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की उपभोक्ता व्यय रिपोर्ट लीक की, तो उससे जाहिर हुआ था कि देश में आम लोग जरूरी चीजों पर वाजिब खर्च नहीं कर पा रहे हैं तब शक जताया गया था कि इसके परिणामस्वरूप देश में गरीबी और कुपोषण बढ़ेगा. अब उसी रिपोर्ट का द मिंट अखबार ने गंभीर विश्लेषण किया है और उससे सामने आया है कि दरअसल ऐसा हो चुका है. हालांकि 2011-12 के बीच 2017-18 के दौरान शहरों में गरीबी में पांच फीसदी की कमी आई लेकिन गांवों में इसमें 4 प्रतिशत का इजाफा हुआ. चूंकि भारत की ज्यादातर आबादी गांवों में रहती है इसलिए कुल मिलाकर गरीबी बढ़ी है. इस गंभीर स्थिति पर एक चर्चा.