मन ना मिले तो तलाक ही बेहतर!

| October 10, 2019

 

सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फ़ैसला दिया है. उसने कहा है कि अगर कोई वैवाहिक रिश्ता ठीक से ना चल पा रहा हो, पति-पत्नी में भावनात्मक जुड़ाव खत्म हो गया हो और संबंध को दोबारा मधुर बनाने की गुंजाइश ना दिखे, तो ये स्थिति तलाक का आधार बन सकती है. गौरतलब है कि हिंदू मैरिज ऐक्ट के तहत ये स्थितियां (यानी irretrievable breakdown of marriage) तलाक का आधार नहीं हैं. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का क्या असर होगा, इस पर एक खास चर्चा.


Exclusive

Opinion

Humans of Democracy