CAA विरोध प्रदर्शन: उत्तर प्रदेश में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हुई

| December 21, 2019

death toll rise to fifteen in up amid anti caa protest row

 

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ उत्तर प्रदेश में और हिंसा हुई और कानपुर में भीड़ ने कथित तौर पर एक पुलिस चौकी में आग लगा दी जबकि बिहार में विपक्षी राजद के बंद के दौरान कुछ जगहों पर तोड़फोड़ हुई और रेल एवं सड़क यातायात बाधित हुआ.

उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 19 दिसंबर से विरोध प्रदर्शन में अब तक 15 लोग मारे जा चुके हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा कि हिंसा की वारदात में 263 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं जिनमें से 57 को गोलियां लगी हैं.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने कानपुर में यतीमखाना पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया. इस दौरान जबरदस्त पथराव भी हुआ जिसमें पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गए. पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे. रामपुर जिले से भी झड़प की खबर है.

राष्ट्रीय राजधानी में पुरानी दिल्ली और सीमापुरी के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी. दिल्ली पुलिस ने शनिवार सुबह जामा मस्जिद से निकलने पर भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को हिरासत में ले लिया. उन्होंने शुक्रवार को वहां संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रर्शन में हिस्सा लिया था. उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

दरियागंज हिंसा के संबंध में गिरफ्तार 15 लोगों को दो दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया जबकि सीमापुरी की घटना के सिलसिले में 15 लोग एक पखवाड़े के लिए जेल भेज दिये गए. इंडिया गेट और जामिया मिलिया इस्लामिया के समीप भी प्रदर्शन हुआ.

असम और पश्चिम बंगाल में स्थिति शांतिपूर्ण रही जबकि मेघालय में इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गईं. असम में प्रदर्शनकारियों ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ रैलियां निकालीं.

चेन्नई समेत दक्षिण भारत के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए. चेन्नई में रेलवे स्टेशन पर सीपीएम कार्यकर्ताओं ने ट्रेनें रोकने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने विफल कर दिया. केरल में कांग्रेस ने सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया. तमिलनाडु और केरल में कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा मंगलुरू गए और उन्होंने दो व्यक्तियों के परिवारों से भेंट की जो 19 दिसंबर को प्रदर्शन के दौरान पुलिस गोलीबारी में मारे गए थे.

पुलिस ने केरल से सीपीआई के राज्यसभा सदस्य बिनय विश्वम और पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया जिन्होंने कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए प्रदर्शन किया.

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन के बीच बीजेपी के सहयोगी शिरोमिण अकाली दल ने केंद्र से नए कानून में संशोधन कर उसमें मुसलमानों को भी शामिल करने की अपील की और कहा कि धर्म के आधार पर किसी को बाहर नहीं रखा जाना चाहिए.

बसपा सुप्रीमो मायावती ने केन्द्र सरकार से कहा कि वह नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी पर अपनी जिद छोड़कर अपने फैसले वापस ले क्योंकि अब तो सीएए और एनआरसी के विरोध में राजग में भी विरोध के स्वर उठने लगे हैं.


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