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साल 2018 के 10 झूठ

10 Big lies of 2018

 

सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोगों के बयानों और उनकी दावों की पड़ताल करने के लिए गठित ‘फैक्टचेकर’ अभियान ने भारत में साल 2018 के दस बड़े बयानों और उनसे जुड़े वास्तविक तथ्यों को सामने रखा है. इस पड़ताल से खासकर केंद्र की मोदी सरकार के ऐसे बहुत से दावों की हकीकत पता चलती है जो साल भर सुर्खियों में रहे.

1.दावा: भारत में पिछले चार सालों में 35 हवाईअड्डों का निर्माण हुआ.

तथ्य: केवल 7 हवाईअड्डे ही पिछले चार साल में ऑपरेशनल हुए. भारत में आजादी के 67 सालों में यानि साल 2014 तक कुल 65 हवाईअड्डे थे. देखा जाए तो औसतन प्रति वर्ष एक हवाईअड्डे का निर्माण होता है. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल 24 सितंबर को पक्योंग में सिक्किम के पहले हवाईहड्डे का शिलान्यास करते समय कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में प्रति वर्ष नौ हवाईअड्डों का निर्माण हुआ. हालांकि तथ्य ये है कि पिछले चार साल में केवल 7 हवाई अड्डे ही ऑपरेशनल हो सके.

2. दावा: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस साल 2 नवंबर को यह दावा किया कि आधार परियोजना और डॉयरेक्ट कैश ट्रांसफर योजना के चलते केंद्र सरकार प्रति वर्ष 90 ,000 करोड़ रुपए की बचत कर रही है. इस राशि से ‘आयुष्मान भारत’ जैसी चार योजनाएं संचालित की जा सकती हैं.

तथ्य: तथ्य ये है कि इन दोनों योजनाओं के चलते प्रति वर्ष नहीं बल्कि पिछले चार सालों में कुल 90,000 करोड़ रुपए की बचत हुई है.

3. दावा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 फरवरी, 2018 को एक टेलीविजन इंटरव्यू में दावा किया कि राज्य सरकार ने पिछले 10 महीनों में डॉयरेक्ट कैश ट्रांसफर के तहत किसानों को 80,000 करोड़ रुपए वितरित किया है.

तथ्य: डॉयरेक्ट कैश ट्रांसफर पर राज्य सरकार के आधिकारिक आंकड़ें बताते हैं कि साल 2017-18 में किसानों को सिर्फ 14,540 करोड़ रुपए दिए गए.

4. दावा: नरेंद्र मोदी सरकार ने अपनी सरकार के चार साल पूरे होने पर यह दावा किया कि सरकार 2 लाख करोड़ रुपए के खर्च से 100 स्मार्ट सिटी का निर्माण कर रही है.

तथ्य: हालांकि तथ्य ये है कि सरकार ने साल 2015 में स्मार्ट सिटी मिशन के लिए दावा की जा आ रही राशि का केवल एक चौथाई यानि 48,000 करोड़ ही मंजूर किया. इतना ही नहीं, मार्च 2018 तक इस राशि का केवल 21 फीसदी वितरित और महज 1.8 फीसदी उपयोग किया गया.

5. दावा: मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने विधान सभा चुनाव से पहले एक टेलीविजन इंटरव्यू में कहा था कि मध्य प्रदेश बलात्कार, किसानों की आत्महत्या और बेरोजगारी, तीनों ही मामलों में शीर्ष पर है.

तथ्य: हालांकि मध्य प्रदेश में देश में सबसे ज्यादा बलात्कार के मामले दर्ज हैं, लेकिन बलात्कार दर यानि प्रति 100,000 महिलाओं पर होने वाले बलात्कार मामलों के हिसाब से वह देश में पांचवें नंबर पर आता है. वहीं देश के 23 राज्य ऐसे हैं जिनकी बेरोजगारी दर मध्य प्रदेश से ज्यादा है, जबकि बेरोजगारी दर के मामले में उससे बेहतर प्रदर्शन करने वाले सिर्फ 8 राज्य ही हैं. साल 2016 में मध्य प्रदेश में 1,321 किसानों ने आत्महत्या की. बीजेपी राज्य में दिसंबर 2003 में सत्ता में आई थी, लेकिन साल 2004 के बाद ऐसा कोई भी साल नहीं था, जब मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा आत्महत्याएं हुई हों.

6. दावा: बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात में उनकी पार्टी की सरकार आने के बाद कोई दंगा या साम्प्रदायिक तनाव की घटना नहीं हुई.

तथ्य: राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक़, 1998-2016 के बीच गुजरात में दंगों की 35,568 घटनाएं हुईं. जबकि मध्य प्रदेश में 2003-2016 के बीच 32,050 दंगों की घटनाएं रिपोर्ट की हुईं. छत्तीसगढ़ में पार्टी के शासन काल में कुल 12,265 घटनाएं हुईं. लोक सभा के आंकड़ें बताते हैं कि बीजेपी के उत्तर प्रदेश में सत्ता में आने के बाद 10 महीनों में साम्प्रदायिक दंगों की 195 घटनाएं हो चुकी हैं.

7. दावा: राज्य सभा में गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने 18 जुलाई, 2018 को बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो मॉब लिंचिंग के आंकड़ें अलग से नहीं रखता है.

तथ्य: हालांकि गृह मंत्रालय के आंकड़ें दिखाते हैं कि 3 मार्च, 2014 से 2018 के बीच मॉब लिंचिंग के 40 मामलों में 45 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. इन मामलों में 217 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई.

8. दावा: ईशा फाउंडेशन के जग्गी वासुदेव ने 16 सितम्बर 2018 को एक अंग्रेजी अखबार से कहा कि हमें यह बात स्वीकार करनी चाहिए कि पिछले चार सालों में देश में एक भी बम-विस्फोट नहीं हुआ है. जो भी घटनाएं हो रही हैं, वह सीमावर्ती कश्मीर में हो रही हैं.

तथ्य: वहीं सरकार के आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार सालों में देश में सैकड़ों बम-विस्फोट की घटनाएं हो चुकी हैं. इनमें से 400 घटनाएं तो अकेले साल 2014 में हुई हैं.

9.दावा: बीजेपी के दो सांसदों ने यह कहा कि बढ़ती हुई मुस्लिम आबादी देश के लिए खतरा है.

तथ्य: तथ्य ये है कि मुस्लिमों की प्रजनन दर वर्तमान में पिछले 20 सालों में सबसे कम है और इसमें लगातार गिरावट हो रही है.

10. दावा: एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत के वन क्षेत्र या फॉरेस्ट कवर में 6,778 स्कॉवयर किलोमीटर या 1 फीसदी का इजाफा हुआ है. रिपोर्ट यह भी दावा करती है कि फॉरेस्ट कवर के मामले में भारत दुनिया के दस शीर्ष देशों में शामिल है.

तथ्य: हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि फॉरेस्ट कवर की आधिकारिक परिभाषा ही गलत है. इस परिभाषा में उस फॉरेस्ट कवर को भी शामिल किया जो पहले ही औद्योगिक प्लांटों में तब्दील हो चुके हैं. बल्कि लगातार सिकुड़ रहे फॉरेस्ट कवर को भी इस परिभाषा में शामिल किया जाता है. फॉरेस्ट कवर को पता करने की सैटेलाइट तकनीक भी उन्नत नहीं है.

(इस रिपोर्ट में लिए गए तथ्य फैक्टचेकर से लिए गए हैं)