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मध्य प्रदेश: चुनाव के बाद ईवीएम से छेड़छाड़ पर जोरदार हंगामा

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मध्य प्रदेश में मतदान के दिन से ईवीएम को लेकर शुरू हुआ शिकायत का सिलसिला मतदान के बाद तक जारी है. स्ट्रॉग रूम में ईवीएम की सुरक्षा और संदिग्ध गतिविधियों पर भोपाल, सागर, सतना और खरगोन में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने जहां एक ओर अधिकारियों को हिदायत दी वहीं कार्यकर्ताओं को भी सचेत रहने के लिए कहा. वहीं शाम को कांग्रेस ने निर्वाचन पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर घटनाओं की शिकायत की.

भोपाल से आरंभ हुआ विवाद

भोपाल में पुरानी जेल में स्ट्रांग रूम बनाया गया है. इसके बाहर पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स के साथ चौबीसों घंटे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी डेरा डाले हुए हैं. स्ट्रांग रूम के बाहर एलईडी स्क्रीन लगाई गयी हैं, जिससे स्ट्रांग रूम की तस्वीरें लगातार दिखती रहें. लेकिन शुक्रवार को दो बार ये एलईडी बंद हुई. पहले सुबह स्क्रीन बंद हुई और शाम को फिर से ऐसा ही हुआ. इससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं का पारा चढ़ गया. उन्होंने आरोप लगाया कि ईवीएम में गड़बड़ी करने के लिए ऐसा किया जा रहा है.

पुरानी जेल में बने स्ट्रांग रूम में 7 विधानसभा क्षेत्रों की ईवीएम रखी गई हैं. शुक्रवार को सुबह 9 बजे डेढ़ घंटे तक सीसीटीवी कैमरे बंद रहे. इससे नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया. उनका आरोप है कि जान बूझकर ईवीएम में गड़बड़ी करने के लिए कैमरे बंद किए गए, जिससे बाहर लगी एलईडी में लोग अंदर की गतिविधियां न देख सकें. उन्होंने कहा कि स्ट्रांग रूम में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई है. हालांकि चुनाव आयोग ने जेनरेटर लगाया है, जिससे सीधा प्रसारण बाधित ना हो.

कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बीएल कांताराव से मामले की जांच की मांग की है. कांग्रेस के हंगामे के बाद भोपाल कलेक्टर सुदामा खाड़े ने कहा स्ट्रांग रूम के बाहर लगी एलईडी बंद होने की खबर सही है. उन्होंने कहा कि ये स्थिति शार्ट सर्किट के कारण बनी है.

बिना नंबर प्लेट की गाड़ी में पहुंची ईवीएम

गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के विधानसभा क्षेत्र खुरई की 34 ईवीएम मशीनें बिना नंबर की एक मिनी बस सहित जीप और एक ऑटो में भरकर इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज लाई गई. ईवीएम को स्ट्रांग रूम के बाहर देखते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप था कि मतदान के 48 घंटे बाद तक ईवीएम बाहर कैसे हैं? इन्हें मतदान के तुरंत बाद जमा क्यों नहीं कराया गया? जिला प्रशासन व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर बहस चलती रही. हंगामा बढ़ता देख प्रशासन भी सतर्क हुआ और लाठीचार्ज करने की पूरी तैयारी कर ली. इतने में खुरई से कांग्रेस प्रत्याशी अरुणोदय चौबे भी पहुंच गए. इसके बाद मशीनें कोष में जमा होने की प्रक्रिया शुरू हुई.

बताया जा रहा है कि इंजीनियरिंग कॉलेज में बनाए स्ट्रांग रूम में जमा होने पहुंची ईवीएम मशीनें इमरजेंसी के लिए खुरई के थानों में रखी गई थीं. जिनकी चुनाव के दौरान जरूरत ही नहीं पड़ी और मतदान के 48 घंटे बाद तक थानों में ही रखी रह गईं. खुरई के रिटर्निंग ऑफिसर संजय जैन का कहना है कि मतदान के बाद पर्याप्त फोर्स न होने से मशीनों को तुरंत जमा नहीं करा पाए. इसलिए शुक्रवार को जमा कराने के लिए स्ट्रांग रूम भेजा गया.

कलेक्टर सागर तथा जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार ने रिटर्निंग ऑफिसर की लापरवाही की बात स्वीकार की है. निर्वाचन आयोग को कार्रवाई के लिए पत्र लिखे जाने की बात भी कही गई है. इसके पहले संभाग आयुक्त  मनोहर दुबे भी गलती की बात स्वीकार कर चुके हैं.

सतना में भी हुआ हंगामा

सतना के स्ट्रांग रूम में आयी एक गाड़ी से कार्टन उतरते ही वहां तैनात कांग्रेस और बसपा कार्यकर्ताओं ने गड़बड़ी की आशंका जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया. स्ट्रांग रूम की निगरानी के लिए मतगणना स्थल पर बड़ी स्क्रीन लगाई गई है, जिसमें लाइव सीसीटीवी फुटेज दिखाए जाते हैं. इसी स्क्रीन पर शुक्रवार रात 10 बजे के करीब दो लोग गाड़ी से उतरकर कॉर्टन में कुछ ले जाते हुए दिखाई दिए, जिसके बाद कांग्रेस और बसपा समेत तमाम दलों ने ईवीएम बदले जाने का आरोप लगाया और हंगामा शुरू कर दिया. राजनीतिक दलों के प्रदर्शन को देखते हुए डीएम समेत तमाम पदाधिकारियों को वहां आना पड़ा. उन्होंने इस पूरे मामले की जांच का भरोसा देकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को शातं कराया.

खरगोन में पिछले दरवाजे से आई पिकअप

खरगोन के पीजी कॉलेज में स्ट्रांग रूम बनाया गया है. यहां पिछले दरवाज़े से एक पिकअप वाहन में ईवीएम लाई गई. इसके बाद कांग्रेस प्रत्याशी और कार्यकर्ता ईवीएम बदलने का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए. बात बढ़ने पर अपर कलेक्टर एमएल कनेल, एएसपी शंशिकांत कनकने मौके पर पहुंचे.

कमलनाथ सहित कांग्रेस नेताओं के ट्वीट

पूरे प्रदेश से मतदान और मतदान के बाद ईवीएम को लेकर आ रही शिकायतों को देखते हुए कांग्रेस नेता कमलनाथ ने चुनाव कार्य में लगे अधिकारियों से अपील की कि वे मतगणना तक निष्पक्षता का आचरण करें. विवेक तन्खा, अरुण यादव ने भी ट्वीट कर ईवीएम की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की है.

कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने ट्वीट में भारी गड़बड़ी की आशंका जताई है. सिंधिया ने ट्वीट में कहा, “भाजपा अपनी संभावित हार को देखते हुए लोकतंत्र और जनता के मत को कुचलने पर आमादा हो गई है. ये सरकार के संरक्षण में लोकतंत्र की हत्या का प्रयास है, चुनाव आयोग शीघ्र सख्त कदम उठाकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर मतगणना तक ईवीएम की सुरक्षा सुनिश्चित करे.”

कांग्रेस ईवीएम को लेकर सतर्क

स्ट्रांग में रखी गईं ईवीएम को 3 लेयर सुरक्षा से निकालकर वोट गिने जाएंगे. ऐसे में मतगणना में किसी भी तरीके की गड़बड़ी ना हो, इसके लिए कांग्रेस ने विशेष प्लान बनाया है. इस संबंध में कांग्रेस नेता कमलनाथ ने 6 दिसंबर को भोपाल में बैठक बुलायी है. कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में अपने सभी 229 प्रत्याशियों को भोपाल बुलाया है. इस बैठख में प्रत्याशियों को मतगणना में गड़बड़ी रोकने की ट्रेनिंग दी जाएगी.

उधर कांग्रेस के हंगामे पर बीजेपी ने आपत्ति जताई है. उसका कहना है कि कांग्रेस का ये शगल रहा है. वह ईवीएम और संवैधानिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ी करती रही है. कांग्रेस समझ रही है कि वो चुनाव हारने वाली है, इसलिए इस तरह से अनर्गल प्रलाप कर रही है.