अयोग्य विधायकों के मामले में येदियुरप्पा के ऑडियो क्लिप पर गौर करेगा सुप्रीम कोर्ट

Team NewsPlatform | November 5, 2019

karnataka government postpone compensation to deceased in anti caa protest till inquiry ends

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह कांग्रेस-जद (एस) के अयोग्य घोषित किए गए 17 विधायकों के मामले में मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के ऑडियो क्लिप पर विचार करेगा जो कथित रूप से इन विधायकों के संदर्भ में है.

न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति कृष्णा मुरारी की तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि चूंकि यह मामला उसके संज्ञान में लाया गया है, इसलिए शीर्ष अदालत इस पर विचार करेगी. हालांकि, पीठ ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या वह इस ऑडियो क्लिप को रिकॉर्ड में शामिल करेगी.

शीर्ष अदालत ने कहा कि इस समय उठाया गया यह मुद्दा पहले भी विधान सभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती देने वाली इन विधायकों की याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान उसके समक्ष उठाया गया था.

येदियुरप्पा का यह कथित ऑडियो क्लिप हाल ही में हुबली में पार्टी की एक बैठक का है जिसमे वह पांच दिसंबर को होने वाले उपचुनाव के लिये अयोग्य घोषित किए गए इन विधायकों को टिकट देने का विरोध कर रहे अपने नेताओं के प्रति अप्रसन्नता व्यक्त कर रहे हैं. यह ऑडियो क्लिप शुक्रवार को ही सामने आया है.

इस ऑडियो में वह कथित रूप से कह रहे हैं कि काग्रेस-जद (एस) के बागी विधायाकों, जिन्हें बाद में अध्यक्ष ने अयोग्य करार दे दिया, को कर्नाटक की गठबंधन सरकार के अंतिम दिनों में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की देखरेख में मुंबई में रखा गया था.

कर्नाटक कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पीठ से कहा कि ऑडियो क्लिप में भाजपा की कोर समिति की बैठक में येदियुरप्पा ने कहा है कि सारी रणनीति बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, अमित शाह, जो गृह मंत्री भी हैं, ने तैयार की थी.

सिब्बल ने कहा कि इन बागी विधायकों की याचिकाओं पर न्यायालय 25 अक्टूबर को सुनवाई पूरी कर चुका है, इसलिए वह इस ऑडियो क्लिप को रिकॉर्ड के लिये पेश करना चाहते हैं.

पीठ ने सिब्बल से कहा, ”बहस के दौरान आपने सारे पहलुओं को विस्तार से समेट लिया है.”

इस पर सिब्बल ने कहा कि यह ऑडियो क्लिप शीर्ष अदालत मे बहस पूरी होने के बाद सामने आया है.

पीठ ने सिब्बल से कहा कि बहस के दौरान इन विधायकों को मुंबई में बीजेपी द्वारा कथित रूप से उनकी मेहमान नवाजी का आपने उल्लेख किया था.

अयोग्य घोषित किए गए 17 में से 15 विधायकों की सीटों पर पांच दिसंबर को उपचुनाव होगा. इन विधायकों के त्यागपत्र और विश्वास मत के दौरान सदन से अनुपस्थित रहने की वजह से कुमारस्वमाी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार का पतन हो गया था और येदियुरप्पा के नेतृत्व में भाजपा सरकार सत्ता में आई.

इन 15 निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी के स्थानीय नेताओं के विरोध के बीच येदियुरप्पा ने हाल ही में यह आश्वासन दिया था कि अयोग्य घोषित किये गये विधायकों को टिकट दिए जाएंगे, यदि वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहेंगे.

येदियुरप्पा ने चुनाव में भाजपा की जीत या हार को एक अलग मामला बताते हुए कहा था कि अयोग्य घोषित किए गए विधायकों ने ही पार्टी को सत्ता में आने का अवसर प्रदान किया है.


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