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राफेल डील : सरकार ने माना कोर्ट ने गलत समझ लिया

review petition filed in ayodhya verdict

 

केन्द्र सरकार ने राफेल डील को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पैरा नंबर 25 के दो वाक्यों में संशोधन करने संबंधी याचिका कोर्ट में दी हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि सरकार की ओर से कोर्ट को गलत जानकारी दी गई है.

उन्होंने कहा था कि सरकार ने कोर्ट के सामने गलत जानकारी दी कि राफेल मामले में कैग रिपोर्ट पीएसी के सामने रखी गई है.

“केन्द्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि राफेल डील संबंधी मामला सीएजी के साथ विचाराधीन है. जबकि कोर्ट ने सीएजी के रेफरेंस की गलत व्याख्या कर दी है.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पैरा नंबर 25 में जिस सीएजी रिपोर्ट की बात कही गई है वास्तव में उसका कोई अस्तित्व ही नहीं है.”

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि राफेल डील संबंधी जानकारी सीएजी के साथ साझा की गई है. इस आधार पर सीएजी की ओर से बनाए गए रिपोर्ट को लोक लेखा समिति के समक्ष जांच के लिए रखा गया था.

पैरा 25 में यह भी कहा गया है कि रिपोर्ट का संक्षिप्त हिस्सा ही संसद में रखा गया था. कोर्ट को दिए गए दस्तावेज से पता चलता है कि सरकार ने आधार मूल्य (बेसिक मूल्य) को छोड़कर राफेल एयरक्राफ्ट के मूल्य संबंधी जानकारी साझा नहीं किया है.

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