बिक्री में गिरावट के चलते मारुति सुजुकी को पहली तिमाही में घाटा

Team NewsPlatform | July 27, 2019

Maruti Suzuki India Ltd reported its sharpest fall in net profit

 

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के पहली तिमाही के मुनाफे में भारी कमी दर्ज की गई है. कंपनी ने जानकारी दी है कि वित्त वर्ष 2014 की चौथी तिमाही के बाद से यह पहली बार है जब कंपनी के शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) में तेजी से गिरावट हुई है.

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने जानकारी दी कि ऑपेरेटिंग मार्जिन में काफी कमी आई है, जिससे वाहनों की बिक्री घटी है.  मूल्यह्रास (डेप्रिसिएशन) और परिशोधन लागत (अमोर्टाइजेशन कॉस्ट) में बढ़ोत्तरी हुई है.

कंपनी ने अप्रैल से जून के बीच 402,594 कारों की बिक्री की. यह बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में 17.9 फीसदी कम रही.

लाइव मिंट की खबर के मुताबिक अर्थव्यवस्था में मंदी के चलते कारों की बिक्री में गिरावट आई है. पहली तिमाही में पिछले साल की तुलना में शुद्ध लाभ 27.3 फीसदी घटकर 1,435.5 करोड़ हो गया. जो दो दशकों में यात्री कारों की बिक्री में हुई सबसे तेज गिरावट है.

2018 की पहली तिमाही में कंपनी को 1,975.3 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ था. पिछले साल की तुलना में कंपनी के नेट सेल्स में 14.1 फीसदी की गिरावट के साथ 21,810.7 करोड़ से 18,735 करोड़ हो गया.

मारुति कंपनी 1,339.9 करोड़ और 19,069.2 करोड़ के ब्लूमबर्ग के शुद्ध लाभ और राजस्व संबंधित अनुमान को गलत साबित करने में कामयाब रही है. ऐसा मुख्य रूप से अन्य आय में वृद्धि और अन्य खर्चों में गिरावट के कारण हुआ है.

2018-19 की पहली तिमाही की तुलना में कंपनी का परिचालन से होने वाला कुल राजस्व 22,470.8 करोड़ से घटकर 19,069.2 करोड़ हो गया है.

कच्चे माल के दामों में वृद्धि होने के कारण कंपनी के खर्चे में भी तेजी से वृद्धि हुई है. साथ ही मूल्यह्रास (डेप्रिसिएशन) और परिशोधन लागत (अमोर्टाइजेशन कॉस्ट) में भी बढ़ोत्तरी होने से खर्च बढ़ा है. कच्चे माल के लागत में 410 आधार अंक के साथ कुल बिक्री में 75.1 फीसदी का इजाफा हुआ है. इसके अलावा डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन कॉस्ट 160 आधार अंक के साथ राजस्व में 4.9 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. कर्मचारी खर्च 110 आधार अंकों के साथ बढ़ा है.

लागत में बढ़ोत्तरी और बिक्री में मंदी की वजह से संचालन लाभ, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन कॉस्ट में पिछले साल की तुलना में 38.8 फीसदी के साथ 2,047.6 करोड़ की गिरावट हुई है.

वित्तीय वर्ष 2018-19 की तुलना में इस तिमाही में ऑपरेटिंग मार्जिन 455 आधार अंकों के साथ 15.36 फीसदी से घटकर 10.92 फीसदी हो गया. हालांकि, इस तिमाही में अन्य आय में 17.9 फीसदी के साथ 763.3 करेड़ का इजाफा हुआ है. इससे कंपनी घटते हुए लाभ को कुछ हद तक काबू करने में कामयाब हुई है.

विभिन्न स्तरों पर लागत में कटौती करके, मुख्य कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन को रॉयल्टी भुगतान में कमी करने के साथ ही बिक्री में कमी होने से कंपनी के खर्च में 4 फीसदी के साथ 2,740.4 करोड़ की बचत की है.

भारत में मारुति सुजुकी के मुख्य वित्तीय अधिकारी अजय सेठ के अनुसार कंपनी पर बिक्री का दबाव था, लेकिन लागत में कटौती कर कंपनी ने परिचालन खर्च में काबू किया है. इसमें विज्ञापन खर्च में कटौती करना भी शामिल है.

सेठ ने एक विश्लेषक से बात करते हुए कहा, “बाजार में महत्तवपूर्ण रूप से अनिश्चितताएं बनी हुई हैं. अगर हम कोई नीति अपनाते हैं तो संभावना है कि मांग में कुछ सुधार हो सकता है.”

रिलायंस सेक्योरिटीज के शोध विश्लेषक मितुल शाह का कहना है, “मारुति के उत्पाद, नए लॉन्च की सफलता, नेतृत्व और मजबूत प्रबंधन क्षमता से कंपनी की लाभप्रदता को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी. प्रबंधन से स्पष्टता के बाद हम स्टॉक के लिए अनुमान और विचार पर काम करेंगे.”

शाह ने कहा, “हम चाहेंगे कि प्रबंधन लागत संरचना और लागत वृद्धि को स्पष्ट रूप से बताए जिससे हम उपभोगताओं को समझा सकें. क्योंकि हमारा मार्जिन 10 फीसदी के रेंज में है. हालांकि हमें उम्मीद है कि ग्रामीण बाजार में पहली बार कार खरीदने वालों की संख्या बढ़ेगी. हमारे नए बीएस-6 मॉडल की बिक्री में भी सुधार होगा.”

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में मारुति सुजुकी के शेयर 0.78 फीसदी की बढ़त के साथ 5,808.55 रुपये पर बंद हुआ. सेंसेक्स में 0.14 फीसदी की उछाल देखने को मिली.


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