बीजापुर फर्जी मुठभेड़ में हुई नाबालिग सहित 17 ग्रामीणों की हत्या : रिपोर्ट

Team NewsPlatform | December 1, 2019

madhya pradesh june 2012 Maoist encounter case report says villagers did not started firing at police

 

जून 2012 में छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला के सरकेगुडा गांव में कथित मुठभेड़ में छह नाबालिग सहित 17 लोगों की जान गई थी. जांच रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है.  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस वीके अग्रवाल की अध्यक्षता वाली कमिशन ने राज्य सरकार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी है.

एक सदस्यीय ज्यूडिशियल कमिशन की रिपोर्ट के मुताबिक गांव वालों की ओर से गोली नहीं चलाई गई थी, ना ही ऐसा कोई भी सबूत मिला है जिससे मृतकों को माओवादी कहा जा सके. रिपोर्ट के मुताबिक गांव वालों को काफी करीब से गोली मारी गई और उनके साथ मारपीट हुई. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि सुरक्षा बलों ने हड़बड़ाहट में गोली चलाई होगी. इनमें से हिरासत में लिए एक ग्रामीण को अगली सुबह गोली मारकर हत्या की गई, जबकि मुठभेड़ कई घंटे तक रात में ही होती रही थी.

अखबार द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि छह सुरक्षा कर्मियों को क्रॉस फायरिंग और सह सुरक्षाकर्मी के बुलेट से निकली गोली की वजह से चोटें आई हैं. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जांच में जानबूझकर गड़बड़ी की गई है. रिपोर्ट में इस बात पर भी संदेह जताया गया है कि गांव वालों ने एक जगह इकट्ठा होने की वजह एक त्योहार को लेकर आपस में चर्चा करना बताया था.

सुरक्षाकर्मियों ने बयान में कहा था कि दो टीम बासागुडा से रवाना हुई थी और तीन किलोमीटर दूर सरकेगुडा गांव में एक माओवादी बैठक में पहुंची थी. बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस वालों को देखकर उनपर गोलियां चलानी शुरू कर दी थी, जवाब में पुलिस ने भी उनपर गोलियां चलाई.

इसके उलट ग्रामीणों का दावा है कि वे लोग वहां बीज पंडम त्योहार से संबंधित बातचीत करने के लिए जमा हुए थे. और पुलिस वालों ने उन्हें चारों ओर से घेर कर उनपर अंधाधुन गोलियां चलानी शुरू कर दी थी. गांव वालों का यह भी दावा है कि इरपा रमेश नाम के एक व्यक्ति को पुलिस अगले दिन उसके घर से उठाकर ले गई और उसे मार डाला था.

11 जुलाई 2012 को छत्तीसगढ़ की रमन सिंह सरकार ने इस मामले में ज्यूडिशियल जांच करने का आदेश दिया था.

छत्तीसगढ़ सरकार में एक वरिष्ठ अधिकारी ने जस्टिस अग्रवाल की जांच रिपोर्ट जमा किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा, ‘एक रिपोर्ट मिल गई है. अब इसे कैबिनेट के समक्ष रखना है. वहां से मंजूर हो जाने के बाद इसे विधानसभा में भी पेश किया जाएगा.’


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