सुर्ख़ियां


हम पुलिस से नहीं डरते, अपने ऊपर हुए हमले का सबूत है: आईशी घोष

jnusu claims police and administration were involved with masked goons

 

जेएनयू में पांच जनवरी को हुई हिंसा में दिल्ली पुलिस द्ववारा आईशी घोष के संदिग्ध के रूप में पहचान किए जाने पर जेएनयूएसयू अध्यक्ष आईशी घोष ने कहा है कि हम दिल्ली पुलिस से नहीं डरते हैं और उनके ऊपर हुए हमले के सारे सबूत उनके पास हैं.

वहीं जेएनयूएसयू के महासचिव सतीश चंद्र यादव ने कहा कि पुलिस ने आईशी के ऊपर आरोप लगाया है लेकिन आईशी के ऊपर खुद हमला हुआ है. हमारे ऊपर हमला हुआ है, लेकिन हम यहां एमएचआरडी से बात कर रहे हैं. जिन लोगों ने मारा है, वो नकाबपोश हैं, उनको अगर दिल्ली पुलिस खोजे तो यह काफी अच्छा होगा.

आईशी ने आगे कहा कि जिस समय मैं अस्पताल में थी, उस समय मेरे ऊपर एफआईआर दर्ज की गई. हमने बार बार कहा है कि किसी भी तरह की हिंसा निंदनीय है. मैं जानना चाहती हूं कि कोई भी ऐसा वीडियो जारी हुआ है जहां मैं मास्क पहनकर और रॉड लेकर घूम रही हूं? नहीं. सिर्फ संदिग्ध बोल देने से कोई संदिग्ध नहीं हो जाता, पुलिस के पास सबूत भी होने चाहिएं.

सर्वर बंद करने की बात पर आईशी ने कहा कि जेएनयूएसयू की तरफ से ऐसा कोई कॉल नहीं दिया गया था.

उन्होंने आगे कहा कि मैंने कोई हिंसा नहीं की. ना ही मैंने नकाब पहना. मेरे ऊपर हुए हमले की कोई एफआईआर दर्ज नहीं किया गया है. मेरे ऊपर जानलेवा हमला, हमला नहीं है. लेकिन मैं किसी वीडियो में दिखती हूं तो पुलिस मुझे संदिग्ध बना देती है.

पुलिस के इस आरोप पर कि जेएनयूएसयू के सदस्य पेरियार हॉस्टल में हिंसा करने गए पर आईशी ने कहा कि हम स्टूडेंट्स की कॉल पर कैंपस में गए. क्या जेएनयूएसयू के अध्यक्ष के तौर पर मेरी ये जिम्मेदारी नहीं है कि मैं स्टूडेंट्स के बुलाने पर उनके पास जाऊं. क्या इससे पता चलता है कि हम हमला कर रहे थे? दिल्ली पुलिस सबूत क्यों नहीं देती? हम सब जेएनयूएसयू के सदस्य के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे. कैंपस में सिक्योरिटी गायब थी इसलिए ये हमारी जिम्मेदारी थी कि आम स्टूडेंट्स की सुरक्षा व्यवस्था देंखे. ये हमें संदिग्ध नहीं बनाती.

उन्होंने कहा कि प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था कहां थी? हमें क्यों पहुंचना पड़ता है? नकाबपोश गुंडे, लड़कियों के हॉस्टल कोयना तक में घुस गए, प्रशासन की सिक्योरिटी कहां थी? इसलिए हमें जाना पड़ा. अब दिल्ली पुलिस हमारी फोटो निकालकर कह रही है कि हम संदिग्ध हैं.

जेएनयूएसयू के उपाध्यक्ष साकेत मून ने कहा कि अगर आईशी को हमला करना होता तो वो तीन बजे पुलिस को फोन क्यों करती कि कैंपस में गुंडे हमला कर रहे हैं. चार और पांच जनवरी को सिक्योरिटी कैंपस से गायब थी. उन्होंने अटेंडेंस तक नहीं लगाई.

उन्होंने कहा कि हम लोगों ने पुलिस को बुलाया. हम लोग हिंसा रोकने गए और दिल्ली पुलिस ने साजिश रचकर हमें ही आरोपी बता दिया.

जेएनयूएसयू के संयुक्त सचिव दानिश ने कहा कि कैंपस में हुई हिंसा की योजना प्रशासन द्वारा बनाई गई थी.

वहीं एमएचआरडी के साथ हुई बैठक के बारे में आईशी ने बताया कि हमने अपनी सारी मांगे रखीं. मंत्रालय ने हमारी बात सुनी है और उन्होंने कहा है कि वे जल्द ही सर्कुलर लाएंगे. एमएचआरडी ने कहा है कि यूटिलिटी चार्ज और मेस चार्ज यूजीसी उठाएगा. इस लेटर के सार्वजनिक होने के बाद हम अगला कदम उठाएंगे.

उन्होंने कहा कि वीसी पूरी तरह से अयोग्य हैं और उन्हें जल्द से जल्द हटाया जाना चाहिए.