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नितिन गडकरी ने मीडिया पर तोड़ मरोड़कर बयान पेश करने का आरोप लगाया

Gadkari blames media for wrong statements

 

केन्द्रीय मंत्री और बीजेपी नेता नितिन गडकरी ने कहा है कि बीजेपी 2019 का लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लड़ेगी. गडकरी ने इसके साथ ही मीडिया पर उनके द्वारा पुणे में एक कार्यक्रम में की गई टिप्पणी को ‘तोड़ मरोड़कर’ पेश करने का आरोप भी लगाया.

केंद्रीय परिवहन मंत्री गडकरी ने स्पष्ट किया कि वह किसी ‘दौड़’ या ‘प्रतिस्पर्धा’ में नहीं हैं और बीजेपी को अगले आम चुनाव में ‘उचित’ बहुमत मिलेगा.

गडकरी ने 22 दिसंबर को कथित रूप से कहा था कि ‘‘नेतृत्व को हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए.’’ गडकरी की यह कथित टिप्पणी हाल में सम्पन्न मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा चुनाव के बाद आयी.

बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा था कि सफलता का श्रेय लेने के लिये लोगों में होड़ रहती है लेकिन विफलता को कोई स्वीकार नहीं करना चाहता. ‘‘नेतृत्व में हार और असफलता को स्वीकार करने की प्रवृत्ति होनी चाहिए.’’

उन्होंने कहा कि टिप्पणी का कोई राजनीतिक मकसद नहीं था. उन्होंने दावा किया कि मीडिया के एक वर्ग ने पुणे डिस्ट्रिक्ट अर्बन को-आपरेटिव बैंक्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में उनकी ओर से की गई टिप्पणी को ‘‘तोड़ मरोड़कर पेश किया’’.

उन्होंने कहा, ‘‘मराठी में दिया मेरा पूरा भाषण उपलब्ध है. मैंने जो कुछ भी कहा वह बैंकिंग के संदर्भ में था और मैंने न तो किसी चुनाव या न ही किसी नेता के बारे में कोई उल्लेख किया.’’

उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से मीडिया के एक वर्ग ने मेरे बयान को वर्तमान चुनावी राजनीति से जोड़कर और अपनी खुद की टिप्पणी जोड़कर उसे तोड़ मरोड़कर पेश किया.’’

उन्होंने कहा कि यदि पत्रकारों का अपना खुद का एजेंडा हो तो वे अपने नाम से लिखने के लिए मुक्त हैं. उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जो चीज मैंने नहीं कही उसे मेरे बयान से जोड़ना अच्छी बात नहीं है.’’

इससे पहले दिन में गडकरी ने ट्विटर पर यह दावा किया कि कुछ विपक्षी दल और मीडिया के एक वर्ग ने उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया है.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘‘पिछले कुछ दिनों में मैंने गौर किया है कि मेरी पार्टी और मुझे नुकसान पहुंचाने के लिए कुछ विपक्षी दल और मीडिया के एक वर्ग की ओर से मेरे बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का अभियान चलाया जा रहा है और उसे संदर्भ से अलग इस्तेमाल किया जा रहा है और राजनीति से प्रेरित निष्कर्ष निकाले जा रहे हैं.’’

उन्होंने कहा कि वह ऐसे आक्षेपों का कई बार खंडन कर चुके हैं और एक बार फिर ऐसी दुर्भावनापूर्ण और शरारतपूर्ण रिपोर्ट पेश किए जाने की निन्दा करते हैं.