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भारत में क्रिकेट ने बना रखा है लोगों को अपना दीवाना

Will cricket be included in the 2028 Olympic Games

 

खेलों की अगर बात करें तो भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता सबसे अधिक है. 2018 में सभी खेलों में भारतीयों ने क्रिकेट को 93 फीसदी देखा. बार्क की एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल क्रिकेट को लेकर भारत में 12.3 अरब इंप्रेशन दर्ज किए गए, जबकि इस साल कोई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता भी नहीं हुई.

इस भारी-भरकम आंकड़े से पता चलता है कि भारत की जनता क्रिकेट के लिए किस कदर दीवानी है. 2016 और 2018 के बीच भारतीयों ने जिन दो क्रिकेट मैचों को सबसे ज्यादा देखा वो भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए.

देश में क्रिकेट के दर्शकों की अगर बात करें तो इसका एक अच्छा खासा हिस्सा युवाओं का है. युवाओं में भी 15 से 30 साल की उम्र के लोगों का हिस्सा 35 फीसदी रहा. वहीं 2018 में 342 मिलियन की संख्या के साथ भारतीय महिलाओं ने भी खूब क्रिकेट देखा. क्रिकेट दर्शकों में इनका हिस्सा 48 फीसदी का रहा.

पुरुष क्रिकेट के मुकाबले महिला क्रिकेट को कम देखा गया. हालांकि, धीरे-धीरे इसमें सुधार हो रहा है. भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए महिला क्रिकेट विश्व कप फाइनल के लिए 39 मिलियन इंप्रेशन दर्ज किए गए.

भारत में क्रिकेट की बढ़ती हुई लोकप्रियता इस बात से पता चलती है कि जहां 2016 में गैर-खेल चैनलों ने 4,700 घंटे क्रिकेट से जुड़ी सामग्री को दिखाया, वहीं 2018 में उन्होंने ऐसा 5,400 घंटे किया.

2016 के मुकाबले 2018 में गैर-खेल चैनलों में क्रिकेट की व्यूवरशिप में 25 फीसदी की वृद्धि हुई, वहीं खेल चैनलों में यह वृद्धि 79 फीसदी की रही.

आईपीएल ने सर्वाधिक दर्शकों को अपनी तरफ खींचा. आईपीएल ना केवल दर्शकों के मामले में सबसे आगे रहा, बल्कि देखे जाने की समयाविधि में भी इसने सबको पीछे छोड़ दिया. एक दर्शक 2016 में जहां 28 मिनट ही आईपीएल देखता था, 2018 में यह समयाविधि बढ़कर 34 मिनट हो गई.

क्रिकेट में दर्शकों की संख्या के साथ विज्ञापनों में भी वृद्धि हुई. 2016 और 2018 की अगर तुलना करें तो यह वृद्धि 14 फीसदी की रही. विज्ञापन के क्षेत्र में ई-कॉमर्स कंपनियों ने अपना हिस्सा बहुत तेजी से बढ़ाया. 2016 में जहां इनका हिस्सा 14 फीसदी था, वहीं 2018 में यह बढ़कर 42 फीसदी हो गया.