श्रमिक सुरक्षा संहिता विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी

Opposition encircles government on Labor Minister's statement of 'lack of qualified youth'

 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने काम की जगह पर श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और काम करने की परिस्थितियों से जुड़े 13 केंद्रीय श्रम कानूनों को मिलाकर एक संहिता बनाने से जुड़े विधेयक को मंजूरी दे दी है. श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने बताया कि ये विधेयक अगले हफ्ते संसद में पेश किया जा सकता है.

यह संहिता 10 या इससे अधिक की श्रम संख्या वाले सभी संगठनों पर लागू होगी.

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है कि काम पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और कामकाजी स्थिति विधेयक, 2019 पर प्रस्तावित संहिता से कानूनी संरक्षण में आने वाले कर्मचारियों का दायरा कई गुना बढ़ेगा. इससे अनधिकृत क्षेत्र के 40 करोड़ से ज्यादा श्रमिक प्रभावित होंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में इस विधेयक को मंत्रिमंडल ने 10 जुलाई को मंजूरी दी. मंत्रिमंडल इससे पहले तीन जुलाई को मजदूरी पर संहित को मंजूरी दे चुका है.

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद श्रम मंत्री ने बताया, “सदन चल रहा है. इन विधेयकों को अगले सप्ताह संसद में पेश किया जा सकता है.” काम पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और कामकाजी स्थिति विधेयक, 2019 पर संहिता के बारे में उन्होंने कहा, “इससे करोड़ों कर्मचारियों को लाभ होगा. खनन और बंदरगाह क्षेत्र में जहां एक भी कर्मचारी काम करता है, वहां कानून लागू होगा.”

सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नियोक्ता सभी कर्मचारियों का सालाना फ्री मेडिकल चेकअप कराएगा, साथ ही नियुक्ति के समय सभी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देना भी अनिवार्य बनाया जाएगा.

मंत्री ने कहा कि किसी भी कर्मचारी की बेहतरी के साथ-साथ आर्थिक वृद्धि के लिए भी सुरक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण और बेहतर कामकाजी स्थिति पूर्व शर्त है क्योंकि स्वस्थ कर्मचारी अधिक उत्पादक होगा और कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं का कम होना नियोक्ताओं के लिए लाभकारी है.

प्रस्तावित संहिता का मकसद देश के सभी श्रमिकों के लिए सुरक्षा और स्वस्थ कामकाजी स्थिति सुनिश्चित करना है. फिलहाल मौजूदा करीब नौ बड़े क्षेत्रों में यह लागू होता है. इस संहिता में कारखाना कानून, 1948, खदान कानून, 1952, गोदी श्रमिका (सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण) कानून, 1986 जैसे 13 श्रमिकों कानूनों को समाहित होंगे.

संहिता में रात की शिफ्ट में नौकरी करने वाली महिलाओं के लिए भी नियम बनाए गए हैं.

बयान के मुताबिक पांच श्रम अधिनियमों के तहत बनाई गई विभिन्न समितियों की जगह राष्ट्रीय व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सलाहकार बोर्ड का गठन किया जाएगा.


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arun pandiyan sundaram
Arun Pandiyan Sundaram

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने काम की जगह पर श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य

saral patel
Saral Patel

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने काम की जगह पर श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य

ruchira chaturvedi
Ruchira Chaturvedi

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने काम की जगह पर श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य


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