सुर्ख़ियां


जन्मदिन विशेष: बड़े सरोकारों वाले अभिनेता सुनील दत्त

Bollywood actor sunil datta's birthday anniversary today

 

आज हिन्दी सिनेमा जगत के मशूहर अभिनेता सुनील दत्त का जन्मदिन है. सुनील अभिनेता होने के साथ-साथ एक जाने-माने राजनेता भी थे.सुनील दत्त का जन्म 6 जून 1930 में पाकिस्तान के खुर्द नामक गांव में हुआ था. सभी उनको सुनील दत्त के नाम से जानते है लेकिन उनका वास्तविक नाम बलराज दत्त था.

उनका परिवार 1947 में देश के विभाजन के दौरान भारत आया था.जब सुनील पांच साल के थे तो उनके पिता का निधन हो गया.सुनील दत्त 18 साल की उम्र में भारत-पाकिस्तान में छिड़े दंगों को देखा. उस समय सुनील दत्त और उनके परिवार को उनके पिता के दोस्त ने बचाया था. इसके बाद उन्होंने जिंदगी के कई साल हरियाणा में बिताए.

सुनील अभिनेता बनना चाहते थे.लेकिन उन्हें पहली नौकरी रेडियो सिलोन में मिली थी. उनकी आवाज के दीवाने लोग रेडियो के दिनों से थे. जब रेडियो सिलोन को इंटरव्यू देने के लिए नरगिस ने समय दिया तो ये काम सुनील दत्त को ही सौंपा गया.

जब इंटरव्यू शुरू हुआ तो सुनील वहां कुछ बोल ना सके जिसके कारण इंटरव्यू उस दिन नहीं हो सका. इसके बाद वह बॉलीवुड चले गए और 1955 में उनकी पहली बॉलीवुड फिल्म रेलवे प्लेटफार्म आई. लेकिन सुनील की असल पहचान तब हुई जब उन्हें फिल्म ‘मदर इन्डिया’ मिली. फिल्म 1957 में रिलीज हुई और इस फिल्म से सुनील मशूहर हो गए थे. इस फिल्म में वह नरगिस के बेटे बने थे.

सुनील और नरगिस के प्यार की शुरूआत भी फिल्मी सीन की तरह हुई थी. एक सीन के दौरान सेट पर आग लग गई और नरगिस उसमें फंस गईं. सुनील दत्त एक हीरो की तरह आग में कूदे और नरगिस की जान बचाई. आग के हादसे के बाद सुनील और नरगिस एक दूसरे से प्यार करने लगे थे. 11 मार्च, 1958 को नर्गिस और सुनील शादी के बंधन में बंध गए थे. शादी के बाद सुनील और नरगिस को तीन बच्चे हुए प्रिया, नम्रता और संजय दत्त .

उन्होंने ‘साधना’, ‘सुजाता’, ‘ये रास्ते हैं प्यार के’, ‘पड़ोसन’, ‘गुमराह’, ‘वक्त’, ‘हमराज’ जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया. फिल्म ‘मुझे जीने दो’ के लिए उन्हें 1964 में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला. इसके अलावा फिल्म ‘खानदान’ के लिए भी सुनील दत्त को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला. भारत सरकार ने 1968 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया .

अभिनय की दुनिया के बाद सुनील दत्त ने 1984 में राजनीति की ओर रुख कर लिया. कांग्रेस की टिकट पर मुंबई उत्तर पश्चिम लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर सांसद बने और यहां से लगातार पांच बार चुने जाते रहे. वह भारत के युवा और खेल मामलों के मंत्री भी रहे. सुनील दत्त का निधन 25 मई 2005 को मुंबई के बांद्रा में हुआ था.

(सभी तस्वीरें साभार ट्विटर)