बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक

| November 29, 2019

 

बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर की लोकसभा में की गई टिप्पणी को लेकर उनसे माफी मांगने की मांग करते हुए विपक्षी सदस्यों ने सदन में भारी हंगामा किया . प्रज्ञा ने इस विषय पर सदन में माफी मांगी और साथ ही कहा कि उनके बयान को ”तोड़-मरोड़कर पेश किया गया.”

कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सदस्यों ने उनसे बिना शर्त माफी मांगने की मांग करते हुए उनके बयान पर पुरजोर विरोध जताया और प्रदर्शन जारी रखा. इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों की बैठक बुलाई.

संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि सरकार सहित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मन में महात्मा गांधी के बारे कितना सम्मान है, उसे पूरा देश जनता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि गोडसे को देशभक्त बताना तो दूर, इस बारे में सोचना भी निंदाजनक है. ”उक्त सदस्य ने माफी मांग ली है और अब स्पीकर जो निर्देश देंगे, उसका पालन किया जायेगा.”

इससे पहले प्रज्ञा ने यह भी कहा कि देश के लिए महात्मा गांधी के सेवाकार्यों का वह सम्मान करती हैं. भोपाल से बीजेपी सदस्य प्रज्ञा ने कहा, ”बीते घटनाक्रम में सबसे पहले मैं सदन में मेरे द्वारा की गई किसी टिप्पणी से यदि किसी को भी किसी प्रकार की ठेस पहुंची हो तो खेद प्रकट कर क्षमा चाहती हूं.”

उन्होंने कहा कि संसद में दिये गये उनके बयानों को तोड़-मरोड़कर गलत ढंग से पेश किया गया जो निंदनीय है.

प्रज्ञा ने कहा, ”मेरे बयान का संदर्भ कुछ और था.”

उन्होंने कहा, ”इसी सदन के एक सदस्य ने सार्वजनिक तौर पर मुझे आतंकवादी कहा. मेरे साथ तत्कालीन सरकार द्वारा रचे गये षड्यंत्र के बावजूद अदालत में मेरे खिलाफ कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है. बिना दोषी सिद्ध हुए मुझे आतंकवादी कहना कानून के खिलाफ है. कोई आरोप सिद्ध हुए बिना मुझे आतंकवादी बताना एक महिला के नाते, एक संन्यासी के नाते, एक सांसद के नाते मेरे सम्मान पर हमला करके अपमानित करने का प्रयास है.”

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प्रज्ञा के बयान के बीच ही विपक्ष के सदस्य खड़े होकर विरोध जताने लगे. हालांकि बीजेपी सदस्य विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी का विरोध करते देखे गए .

कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि जिस तरह से सत्तारूढ़ पार्टी के लोग कर रहे हैं, उससे लगता है कि वह समर्थन कर रहें हो. ”हमारा कहना है कि उक्त सदस्य को अपनी टिप्पणी के लिये बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए.”

जब कांग्रेस सदस्य प्रज्ञा ठाकुर से बिना शर्त माफी मांगने की मांग करे रहे थे तब बीजेपी सदस्य निशिकांत दूबे ने कहा कि राहुल गांधी ने कथित तौर पर एक वर्तमान सदस्य (प्रज्ञा सिंह ठाकुर) को आंतकी बताया. ऐसे में राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाना चाहिए.

द्रमुक सदस्य ए राजा ने कहा कि बीजेपी सदस्य की बात को कार्रवाई से निकाल भी दिया गया हो, तब भी यह बात पूरी दुनिया में फैल गई . सदन में कोई भी बात कही जाती है, तो उस पर संज्ञान लेना चाहिए.

सपा के मुलायम सिंह ने कहा कि स्पीकर को 5-10 मिनट के लिये कार्यवाही स्थगित करके सभी दलों के नेताओं के साथ चर्चा करनी चाहिए .

बसपा के दानिश अली ने इस मामले में प्रज्ञा ठाकुर से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की और कहा कि उन्हें अदालती मामले का बचाव करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

एआईएमआईएम के असादुद्दीन औवैसी ने सरकार से इस विषय पर रूख स्पष्ट करने को कहा.

बीजद के भतृहरि महताब ने कहा कि इस मामले में अब आसन को ही कोई निर्णय करना है. जितनी बार सत्ता पक्ष बयान दे, विपक्ष उससे संतुष्ट नहीं होगा. इस पर किसी प्रस्ताव के जरिये ही चर्चा की जा सकती है. स्पीकर कार्रवाई की रिकार्डिंग मंगा कर देख लें ताकि कोई भ्रम की स्थित न रहे .

इससे पहले, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि केवल यह देश ही नहीं, बल्कि पूरा विश्व गांधीजी के आदर्शों और विचारों का सम्मान करता है. इस विषय पर अब राजनीति नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने कहा ”मैंने पहले ही कहा था कि मेरी जिम्मेदारी है कि गांधीजी के बारे में कोई भी टिप्पणी रिकार्ड में नहीं जाए.”

बिरला ने कहा, ”गांधीजी की हत्या के मामले में सदन में, सदन के बाहर किसी को भी महिमामंडित करने की इजाजत नहीं है.”

संसदीय कार्य मंत्री जोशी ने कहा कि सदस्य (प्रज्ञा सिंह ठाकुर) ने स्पष्ट रूप से माफी मांग ली है, अब इस विषय पर चर्चा की जरूरत नहीं है.

विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच उन्होंने कहा कि विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है.

इसी बीच, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, वाम दलों समेत विपक्षी दल के सदस्य आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे.


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