लॉकडाउन के चलते बेरोजगारी दर 27.11 प्रतिशत!

Team NewsPlatform | May 6, 2020

worst unemployment rate raises tension in domestic loans

 

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकनॉमी (सीएमआईई) ने कहा कि कोरोना वायरस संकट के चलते देश में बेरोजगारी की दर तीन मई को पूरे हुए सप्ताह के दौरान बढ़कर 27.11 प्रतिशत हो गई. मार्च के बीच में इस महामारी के तेजी पकड़ने के समय यह दर सात प्रतिशत से कम थी.

मुंबई स्थित थिंक टैंक ने कहा कि बेरोजगारी की दर शहरी क्षेत्रों में सबसे अधिक 29.22 प्रतिशत रही, जहां कोविड-19 संक्रमण के सबसे आधिक प्रभावित इलाकों ‘ रेड जोन’ की संख्या सबसे अधिक है.

ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी की दर 26.69 प्रतिशत थी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए 25 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन लागू करते समय ही विश्लेषकों ने बेरोजगारी की चेतावनी दी थी.

लॉकडाउन के चलते आर्थिक गतिविधियों में ठहराव आ गया और दिल्ली तथा मुंबई जैसे शहरी केंद्रों से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों के पलायन से विश्लेषकों की आशंकाएं सही साबित हुईं.

सरकार ने अब तक इस संकट से निपटने के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये के राजकोषीय प्रोत्साहन की घोषणा की है, जिसका बड़ा हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को आय और भोजन सहायता मुहैया कराने के लिए है.

सीएमआईई की साप्ताहिक श्रृंखला के आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से बेरोजगारी में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और यह 29 मार्च को समाप्त सप्ताह के दौरान 23.81 प्रतिशत थी. सीएमआईई के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में मासिक बेरोजगारी की दर 23.52 प्रतिशत थी.

आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल के अंत में दक्षिण भारत में पुदुचेरी में सबसे अधिक 75.8 प्रतिशत बेरोजगारी थी. इसके बाद पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में 49.8 प्रतिशत, झारखंड में 47.1 प्रतिशत और बिहार में 46.6 प्रतिशत बेरोजगारी थी.

सीएमआईई के मुताबिक महाराष्ट्र में बेरोजगारी दर 20.9 प्रतिशत थी, जबकि हरियाणा में 43.2 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 21.5 प्रतिशत और कर्नाटक में 29.8 प्रतिशत थी.

थिंक टैंक  के अनुसार पहाड़ी राज्यों में बेरोजगारी की दर काफी कम रही है. हिमाचल प्रदेश में यह दर 2.2 प्रतिशत, सिक्किम में 2.3 प्रतिशत और उत्तराखंड में 6.5 प्रतिशत रही.


Big News

Opinion

hathras girl
क्या दलित इंसान नहीं हैं? क्या उनकी अंतिम इच्छा नहीं हो सकती है?
रेयाज़ अहमद: क्या आप हमें बता सकते हैं कि 14 अक्टूबर के लिए क्या योजना बनाई गई है - कितने…
भीम कन्या
भीम कन्या
यह एक भव्य कार्यक्रम है। पुरे भारत में क़रीब एक हज़ार गाँव में 14 अक्टूबर को प्रेरणा सभा का आयोजन…
The recent Dharavi contagion of Covid-19 and how the city administration was effectively able to use its capacity within the given constraints to act.
Know Thy City
The small successes of urban policy and governance action illuminate the foundations of many big and routine failures. The relative…

Humans of Democracy